हनुमान मंदिर गोकुला बुजुर्ग में आयोजित आल्हा गायन कार्यक्रम, क्षेत्र के ग्रामीण हुए भावभोर
सादुल्लाहनगर (बलरामपुर)श्री हनुमान मंदिर गोकुला बुजुर्ग में आयोजित आल्हा गायन कार्यक्रम में प्रदेश के प्रख्यात आल्हा गायक सज्जन मिश्र सुल्तानपुरी ने अपनी प्रस्तुति से श्रद्धालुओं और श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सज्जन मिश्र सुलतानपुरी ने गरज के बोले
बोलत माढ़व करिया घोड़ा, कूदत आवै मैदान।
हाथ मा भाला, कमर मा तलवार, माथे बंधा निशान॥
गरजत आवै माढ़व बीरा, धरती कांपै चार।
बोलै सुनो रे दुश्मनो, आज लरैंगे दोउ बार॥
तोपन की गड़गड़ाहट, बंदूकरन की बौछार।
माढ़व लरै अकेला, काटै मुंडन की कतार॥
बोले माढ़व गर्व से, “नाम हमारा जग मा होय।
मिट्टी खातिर जान दैबे, पीछे कदम न होय॥”
खून की नदिया बहै, लाशन के लगै अंबार।
फिर भी माढ़व डटिगा, ना छोड़ा रण का द्वार॥
धन्य-धन्य माढ़व बीरा, तोरी करनी अमर होय।
आल्हा गावै सज्जन मिश्र, सुनै जहां जहां कोय॥
इसमें वीर रस, ओज और दहाड़ वाला अंदाज सज्जन मिश्र ने युवाओं में जोश भर दिया।कार्यक्रम का आयोजन गोकुला बुजुर्ग के प्रधान प्रतिनिधि एवं प्रशासक अतुल उपाध्याय के नेतृत्व में किया गया। आल्हा गायन के दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। सज्जन मिश्र सुल्तानपुरी ने अपनी प्रभावशाली गायकी से वीरता और लोक संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संतोष कुमार सिंह (पिंकू सिंह), चेयरमैन रुद्रांश ग्रुप ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर और फीता काटकर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि लोकगीत एवं आल्हा जैसी पारंपरिक विधाओं को ग्रामीण अंचल में जीवंत रखने के प्रयासों की सराहना की ऐसे आयोजनों से पूर्बजो की बीर गाथा ,देश के लिए सर्वष्य नौवाछावर करने की सीख के साथ आपसी एकता भाईचारा बढ़ता है ,इस अवसर पर विपिन सिंह, विजय तिवारी, अरविंद उपाध्याय, प्रीतम अविनाश शास्त्री,रमेश प्रेमी,शेष नारायण मिश्र, रमेश मिश्र , महमूद प्रधान , गदोली महराज , राजकुमार गुप्त व विजय कुमार गुप्ता सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा।