जिलाधिकारी ने किया उच्च मूल्य के विलेखों का स्थलीय स्टाम्प निरीक्षण, संपत्तियों की वास्तविक स्थिति का लिया जायजा
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
करापवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश, बड़े मूल्य के विलेखों की नियमित जांच पर जोर
पंजीकरण में पारदर्शिता एवं शासन के राजस्व हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता — जिलाधिकारी
बलरामपुर।जनपद में स्टाम्प एवं पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा स्टाम्प शुल्क के संभावित करापवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन द्वारा उपनिबंधक कार्यालय सदर से संबंधित उच्च मूल्य के विलेखों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने अभिलेखों में अंकित संपत्तियों की प्रकृति, उपयोग एवं मौके की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।जिलाधिकारी द्वारा सदर उपनिबंधक कार्यालय के अर्द्धनगरीय क्षेत्र अंतर्गत ग्राम महादेव मिश्र में पंजीकृत दो उच्च मूल्य के विलेखों की जांच की गई। इनमें लेखपत्र संख्या-6395/2026, जिसकी मालियत ₹3,21,57,000 है तथा संपत्ति की प्रकृति आवासीय दर्ज है, का स्थलीय निरीक्षण किया गया।इसके साथ ही लेखपत्र संख्या-6396/2026, जिसकी मालियत ₹10,27,02,000 है, की भी जांच की गई। मौके पर स्थापित इंडियन ऑयल पेट्रोल पम्प एवं व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स की स्थिति का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने अभिलेखों में दर्ज विवरण एवं संपत्ति के वास्तविक उपयोग का जायजा लिया। इसी क्रम में उक्त व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स से लगे नगरीय क्षेत्र के रिहायशी मकान का भी निरीक्षण किया गया।इसके उपरांत जिलाधिकारी द्वारा नगरीय क्षेत्र के मोहल्ला अचलापुर, सिविल लाइन स्थित लेखपत्र संख्या-5995/2026, जिसकी मालियत ₹4,73,83,000 है, का स्थलीय निरीक्षण किया गया। उक्त संपत्ति में दो मंजिला रिहायशी मकान एवं खाली भूमि शामिल है। जिलाधिकारी ने मौके की स्थिति का अवलोकन करते हुए संबंधित अभिलेखों एवं संपत्ति के वास्तविक स्वरूप के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बड़े मूल्य के विलेखों की नियमित रूप से स्थलीय जांच सुनिश्चित की जाए, जिससे संपत्ति की वास्तविक प्रकृति एवं उपयोग के अनुरूप उचित स्टाम्प शुल्क का निर्धारण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता रखते हुए शासन के राजस्व हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच के दौरान यदि किसी प्रकरण में स्टाम्प शुल्क में कमी, संपत्ति के वास्तविक स्वरूप एवं अभिलेखों में दर्ज विवरण में अंतर अथवा किसी अन्य प्रकार की अनियमितता से राजस्व क्षति का मामला सामने आता है, तो संबंधित प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।जिलाधिकारी ने स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग के अधिकारियों को उच्च मूल्य की संपत्तियों एवं विलेखों की सतत निगरानी तथा नियमित जांच के माध्यम से करापवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाने और शासकीय राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस दौरान एआईजी स्टाम्प सुनील कुमार व अन्य संबंधित अधिकारी,कर्मचारीगण उपस्थित रहें।