सपा में शामिल होने के बाद पहली बार बलरामपुर पहुंचे डॉ. अब्दुल मन्नान, उतरौला सीट से दावेदारी पर खुलकर रखी बात
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
बलरामपुर। समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद डॉ. अब्दुल मन्नान रविवार को पहली बार बलरामपुर पहुंचे। सपा कार्यालय में पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी भूमिका और उतरौला विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।डॉ. मन्नान ने कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी भूमिका को लेकर दो विकल्प रखे हैं। यदि पार्टी उन्हें चुनाव लड़ाने का निर्णय लेती है तो वह पूरी ताकत से चुनाव लड़ेंगे और यदि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उन्हें संगठन में जिम्मेदारी देकर काम करने का निर्देश देते हैं तो वह संगठन के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। हालांकि उन्होंने उतरौला सीट से चुनाव लड़ने की अपनी व्यक्तिगत इच्छा भी जाहिर की।उन्होंने कहा कि टिकट को लेकर अंतिम निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, स्थानीय नेतृत्व और पार्टी के वरिष्ठ नेता करेंगे। पार्टी में बड़े फैसले नेतृत्व स्तर पर होते हैं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी नेतृत्व के निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करना है।टिकट नहीं मिला तो भी नहीं होगा मनमुटाव ,उतरौला सीट से कई नेताओं की दावेदारी के बीच टिकट न मिलने की स्थिति पर डॉ. मन्नान ने कहा कि इससे कतई मनमुटाव नहीं होगा। पार्टी जिस प्रत्याशी को मैदान में उतारेगी, वह उसके लिए पूरी निष्ठा से चुनाव प्रचार करेंगे।उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि पार्टी उन्हें प्रत्याशी बनाती है तो पार्टी के नेता और कार्यकर्ता भी मजबूती से उनके साथ खड़े होंगे।स्थानीय नेतृत्व के निर्देश पर करेंगे काम,डॉ. मन्नान ने गैसड़ी विधायक राकेश यादव और लोकसभा क्षेत्र श्रावस्ती से सांसद राम शिरोमणि वर्मा समेत स्थानीय नेताओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि अब वह राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ-साथ स्थानीय नेतृत्व के निर्देश पर पूरी निष्ठा से काम करेंगे।बोले—एक पार्टी में रहकर दूसरी की मदद करना मेरे स्वभाव में नहीं, अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में रहते हुए उन्होंने डॉ. एसपी यादव के साथ काम किया। इसके बाद डॉ. अयूब और एआईएमआईएम के साथ भी उन्होंने पूरी निष्ठा से कार्य किया। उन्होंने कहा कि उनके स्वभाव में कभी यह नहीं रहा कि एक पार्टी में रहकर दूसरी पार्टी की मदद करें। अब वह समाजवादी पार्टी में लौट चुके हैं और पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर पूरी प्रतिबद्धता से काम करेंगे।एआईएमआईएम में रहते हुए सपा पर किए गए तीखे हमलों के सवाल पर उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि जब दो सेनाएं आमने-सामने होती हैं तो एक-दूसरे पर बाण चलाए जाते हैं। उसी तरह जिस पार्टी में वह रहे, उसकी नीतियों और राष्ट्रीय अध्यक्ष की लाइन के अनुसार ही उन्होंने अपनी बात रखी। अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और समाजवादी पार्टी उनका नया राजनीतिक घर है।दल बदलने के सवाल पर उन्होंने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि राजनीति में परिस्थितियां बदलती रहती हैं। जिस तरह खिलाड़ी परिस्थितियों के अनुसार दूसरी टीम के लिए खेलते हैं, उसी तरह राजनीतिक जीवन में भी व्यक्ति की भूमिका बदल सकती है।इस अवसर पर गैसड़ी विधायक राकेश यादव, पूर्व विधायक अब्दुल मसूद खान, पूर्व विधायक राम सागर अकेला, जिला उपाध्यक्ष परशुराम बौद्ध, जिला मीडिया प्रभारी गणेश प्रसाद यादव, शहरुन वसीम खान, वसीम खान, इकबाल जावेद फ्लावर, मोहिउद्दीन सिद्दीकी, मनीष चंद सोनकर, नरसिंह पाल यादव, पंडित रामनिवास शुक्ला, ईश्वर चंद शुक्ला, एजाज मलिक, मुनीश्वर कुमार, पप्पू मलिक, शमशाद, सन्नू और रिजवान सिद्दीकी समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।