फर्जी KYC से सिम एक्टिवेट कर साइबर ठगों को बेचने वाला आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट – ब्यूरो गोण्डा
*लसर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर करता था फेस KYC, फोटो एडिट कर बनाता था फर्जी आधार कार्ड; 25 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप
गोंडा। जिले में साइबर सेल और देहात कोतवाली पुलिस ने रविवार शाम करीब 5:40 बजे फर्जी KYC और आधार कार्ड के जरिए अवैध रूप से सिम एक्टिवेट कर साइबर अपराधियों को बेचने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है।आरोपी की पहचान अजय कुमार सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से दो सिम कार्ड, फर्जी आधार कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किया है।मेडिकल परीक्षण के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर करता था धोखाधड़ी पुलिस और साइबर एक्सपर्ट हरिओम टंडन की जांच में सामने आया कि आरोपी अधिकृत सिम विक्रेता था। वह सिम खरीदने या पोर्ट कराने आने वाले ग्राहकों से सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर एक से अधिक बार फेस KYC कराता था। इसके बाद ग्राहक को एक सिम देने के साथ दोबारा कराई गई फेस KYC का कथित रूप से दुरुपयोग कर दूसरा सिम भी एक्टिवेट कर लेता था।जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी फोटो एडिट करके फर्जी आधार कार्ड तैयार करता था। इसके जरिए वह ग्राहकों की फेस आईडी और KYC प्रक्रिया का दुरुपयोग कर अवैध रूप से सिम कार्ड एक्टिवेट करता था। टेलीग्राम और व्हाट्सएप से बेचता था सिम पुलिस के मुताबिक, आरोपी अवैध रूप से एक्टिवेट किए गए सिम कार्ड टेलीग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था। इसके बदले वह कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी की कुल रकम का 25 प्रतिशत कमीशन लेता था। यह रकम उसे कूरियर के माध्यम से भेजी जाती थी। कई राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा कथित तौर पर बेचे गए सिम कार्ड का इस्तेमाल कर देश के अलग-अलग राज्यों में वित्तीय साइबर धोखाधड़ी किए जाने से संबंधित शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस इन मामलों में सिम कार्ड के इस्तेमाल और आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।मामले में देहात कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच अतिरिक्त निरीक्षक श्रवण कुमार वर्मा को सौंपी है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।