मुख्यमंत्री द्वारा फसल क्षति से प्रभावित किसानों को ₹493 करोड़ की कृषि निवेश अनुदान राशि का डीबीटी के माध्यम से अंतरण
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का जनपद बलरामपुर में हुआ सजीव प्रसारण, कलेक्ट्रेट सहित तीनों तहसीलों में आयोजित हुए कार्यक्रम
बलरामपुर।प्रदेश के अन्नदाताओं को आर्थिक संबल प्रदान करने तथा प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को हुई क्षति से प्रभावित कृषकों को राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ द्वारा आज जनपद गोरखपुर से प्रदेश के 9 लाख से अधिक कृषकों को डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से ₹493 करोड़ की कृषि निवेश अनुदान राशि का अंतरण किया गया।इसी क्रम में जनपद बलरामपुर में जिला प्रशासन द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार सहित जनपद की तीनों तहसीलों बलरामपुर सदर, तुलसीपुर एवं उतरौला में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सभी कार्यक्रम स्थलों पर मुख्यमंत्री के मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया, जिसमें उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कृषक बंधुओं द्वारा मुख्यमंत्री जी का वर्चुअल संबोधन सुना गया।जनपद मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ० विपिन कुमार जैन एवं विधायक बलरामपुर पल्टूराम के प्रतिनिधि द्वारा प्रतिभाग किया गया।इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं विधायक जी के प्रतिनिधि द्वारा बाढ़, अतिवृष्टि एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति से प्रभावित कृषक बंधुओं को कृषि निवेश अनुदान राशि का वितरण किया गया तथा लाभार्थी कृषकों को अनुदान संबंधी स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।कार्यक्रम में उपस्थित कृषक बंधुओं को शासन द्वारा संचालित कृषि निवेश अनुदान योजना के उद्देश्य एवं प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को प्रदान की जा रही आर्थिक सहायता के संबंध में जानकारी दी गई।जनपद की तहसील बलरामपुर सदर, तुलसीपुर एवं उतरौला में भी कृषि निवेश अनुदान वितरण कार्यक्रम आयोजित किए गए।तहसील स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में संबंधित उपजिलाधिकारियों, राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा कृषक बंधुओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस दौरान सभी कार्यक्रम स्थलों पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया।कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों ने मुख्यमंत्री का वर्चुअल संबोधन सुना तथा फसल क्षति से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की पहल के संबंध में जानकारी प्राप्त की।इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ० विपिन कुमार जैन ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों की फसलों को होने वाली क्षति की स्थिति में शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप पात्र कृषकों को कृषि निवेश अनुदान के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।उन्होंने कहा कि जनपद में बाढ़, अतिवृष्टि एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाली क्षति का राजस्व एवं कृषि विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आकलन कराया जाता है, जिससे पात्र कृषकों को शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि फसल क्षति से प्रभावित कृषकों के प्रकरणों में आवश्यक अभिलेखीय कार्यवाही, सत्यापन एवं अन्य औपचारिकताओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र कृषक शासन द्वारा अनुमन्य सहायता से वंचित न रहने पाए।उन्होंने कहा कि कृषि निवेश अनुदान की धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे पात्र कृषकों के बैंक खातों में अंतरित किए जाने से सहायता वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित होती है तथा कृषकों को समय से आर्थिक सहायता प्राप्त करने में सुविधा होती है।उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि एवं चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को हुई क्षति से प्रभावित कृषकों को कृषि निवेश अनुदान प्रदान किया जाता है।इसी क्रम में मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के 9 लाख से अधिक प्रभावित कृषकों को ₹493 करोड़ की सहायता राशि का डीबीटी के माध्यम से अंतरण किया गया। इस सहायता का उद्देश्य प्रभावित कृषकों को आर्थिक राहत प्रदान करना तथा आगामी कृषि कार्यों के लिए सहयोग उपलब्ध कराना है।कार्यक्रम के दौरान कृषि निवेश अनुदान से संबंधित योजनाओं एवं पात्रता के संबंध में कृषकों को आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई।इस अवसर पर कलेक्ट्रेट एवं तहसीलों में आयोजित कार्यक्रमों में संबंधित जनप्रतिनिधिगण, राजस्व विभाग, कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में कृषक बंधु उपस्थित रहे।