जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
बलरामपुर।जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशानुरूप जनपद के प्रत्येक नागरिक को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति, सेवाओं की गुणवत्ता तथा स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता में निरंतर सुधार लाए जाने पर जोर दिया।बैठक में जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना, संस्थागत प्रसव तथा प्रथम संदर्भन इकाइयों (एफआरयू) की क्रियाशीलता की समीक्षा की। माह सितंबर 2026 में जनपद की विभिन्न एफआरयू इकाइयों में कुल 1,586 प्रसव हुए, जिनमें 226 सिजेरियन प्रसव शामिल रहे।जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य इकाइयों में आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाओं एवं मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए गर्भवती महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।जिलाधिकारी ने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए सभी पात्र बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का समयबद्ध टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।बैठक में प्रस्तुत एचएमआईएस आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से सितंबर 2026 की अवधि में पूर्ण टीकाकरण की उपलब्धि 99.04 प्रतिशत रही, जबकि गत वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह 96.89 प्रतिशत थी।जिलाधिकारी ने टीकाकरण से छूटे बच्चों को चिह्नित कर उनका शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने तथा ई-कवच एवं यू-विन पोर्टल पर सूचनाओं के सही एवं समयबद्ध अंकन पर विशेष ध्यान देने को कहा।बैठक में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रस्तुत विवरण के अनुसार जनपद में 6,26,086 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं, जो निर्धारित लाभार्थी लक्ष्य का लगभग 85.66 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त वंदना योजना के अंतर्गत 9,165 कार्ड बनाए गए हैं।जिलाधिकारी ने योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को अधिकाधिक लाभान्वित करने तथा सूचीबद्ध चिकित्सालयों में उपचार संबंधी सेवाओं को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2026 में जनपद में कुल 497 क्षय रोगियों का नोटिफिकेशन किया गया, जो निर्धारित लक्ष्य का 109 प्रतिशत रहा।उन्होंने क्षय रोगियों की समय से पहचान, जांच, उपचार एवं नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने तथा कार्यक्रम की उपलब्धियों को और बेहतर बनाए जाने पर जोर दिया।बैठक में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों की उपलब्धियों पर भी चर्चा की गई। प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार 6 सितंबर से 18 अक्टूबर 2026 तक आयोजित सात आरोग्य मेलों में कुल 11,306 मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला।जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य मेलों के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा मरीजों की जांच एवं उपचार की व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया।बैठक में संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायती राज एवं अन्य संबंधित विभागों के बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
उन्होंने साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम, नालियों की नियमित सफाई तथा मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं द्वारा ई-कवच पोर्टल पर सूचनाओं के समयबद्ध अंकन एवं अभियान की नियमित निगरानी पर जोर दिया।जिलाधिकारी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की।जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक उपकरणों, दवाओं, पेयजल, विद्युत, साफ-सफाई एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के साथ ही मरीजों एवं उनके तीमारदारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीजों को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचना चाहिए। स्वास्थ्य कार्यक्रमों में जिन क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, वहां विशेष ध्यान देते हुए सुधारात्मक कार्यवाही की जाए।उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी, योजनाओं की प्रगति की समीक्षा तथा विभागीय समन्वय के माध्यम से बेहतर परिणाम प्राप्त करने पर जोर दिया।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी सहित स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी एवं विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभारी उपस्थित रहे।