Rashtriye Samachar

24 X 7 ONLINE NEWS

दो सौ वर्षों की आस्था का गौरव: अचलपुर चौधरी में प्रभु श्रीराम की भव्य राजगद्दी, जयघोष से गूंजा परिसर

रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर

सादुल्लानगर, बलरामपुर।सादुल्लानगर क्षेत्र के अचलपुर चौधरी में प्रभु श्रीसीताराम जी की भव्य राजगद्दी का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। दो सौ वर्षों से चली आ रही रामलीला की ऐतिहासिक परंपरा के बीच प्रभु श्रीराम के राजतिलक का दिव्य दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भावनाओं का अविस्मरणीय क्षण बन गया। पूरा आयोजन जय श्रीराम के उद्घोष और भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अयोध्या धाम से पधारे परम पूज्य महंत वीरेंद्र दास  की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने प्रभु श्रीराम का प्रथम तिलक कर राजगद्दी समारोह को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। वहीं, विशिष्ट अतिथि विवेक श्रीवास्तव, दिल्ली (पर्शिया) की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

दो सौ वर्षों से जीवंत है रामलीला की गौरवशाली परंपरा

अचलपुर चौधरी की रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सनातन आस्था की जीवंत पहचान है। पिछले दो सौ वर्षों से निरंतर चली आ रही यह परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी प्रभु श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और धर्म के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रही है। बदलते समय के बावजूद इस परंपरा का निरंतर आगे बढ़ना क्षेत्रवासियों की अटूट श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का परिचायक है।

अयोध्या धाम के कलाकारों ने सजीव किया श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रसंग

अयोध्या धाम से आए रामलीला के कलाकारों ने प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक की लीला का भावपूर्ण एवं मनमोहक मंचन किया। कलाकारों की सजीव प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। प्रभु श्रीराम के राजतिलक के पावन प्रसंग ने वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया और श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के उद्घोष के साथ अपनी श्रद्धा व्यक्त की।भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक केवल एक राजकीय उत्सव नहीं, बल्कि धर्म, सत्य, न्याय, त्याग और लोककल्याण की स्थापना का प्रतीक है। श्रीराम का आदर्श शासन ही रामराज्य के रूप में प्रतिष्ठित है, जहां प्रजा का सुख सर्वोपरि था, न्याय सबके लिए समान था और शासन का उद्देश्य जनकल्याण था। प्रभु श्रीराम का जीवन आज भी समाज को मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा, भाईचारे और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

रामराज्य की स्थापना का संदेश देता है प्रभु श्रीराम का जीवन: महंत वीरेंद्र दास

मुख्य अतिथि  महंत वीरेंद्र दास महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रभु श्रीराम का संपूर्ण जीवन मानवता के लिए आदर्श और प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपने आचरण से सत्य, त्याग, मर्यादा, धर्म और कर्तव्यपालन का मार्ग दिखाया। भगवान श्रीराम ने यह सिखाया कि जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, मनुष्य को सदैव सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहना चाहिए।उन्होंने कहा कि रामराज्य की परिकल्पना ऐसे आदर्श समाज की है, जहां किसी के साथ अन्याय न हो, प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान मिले और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा परस्पर सहयोग की भावना बनी रहे। प्रभु श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करके ही एक सशक्त, संस्कारित और समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है।महंत वीरेंद्र दास महाराज ने अचलपुर चौधरी में दो सौ वर्षों से निरंतर चली आ रही रामलीला परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। ऐसी परंपराएं समाज को अपनी जड़ों से जोड़ती हैं और नई पीढ़ी को धर्म, संस्कार तथा मर्यादा का बोध कराती हैं। इस ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।

श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने बढ़ाई आयोजन की गरिमा

कार्यक्रम में कार्यक्रम अध्यक्ष राधेश्याम वर्मा, कार्यवाहक अध्यक्ष सागर शर्मा, ग्राम प्रधान संजय शर्मा, बजरंगी गुप्ता, शुभम मिश्रा, पंकज शर्मा एवं संतोष सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, भक्तगण और क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने प्रभु श्रीसीताराम जी की राजगद्दी के पावन अवसर पर अपनी श्रद्धा अर्पित की।अचलपुर चौधरी की यह भव्य राजगद्दी एक बार फिर इस संदेश के साथ संपन्न हुई कि प्रभु श्रीराम के आदर्श केवल पूजनीय ही नहीं, बल्कि जीवन में अपनाने योग्य भी हैं। दो शताब्दियों से चली आ रही यह परंपरा आज भी क्षेत्र की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक एकता को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है।

Leave a Reply

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.