उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष एवं सदस्य ने किया जनपद के गौ आश्रय स्थलों का निरीक्षण
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
गौशालाओं को आत्मनिर्भर एवं सुव्यवस्थित बनाने के दिए निर्देश
बलरामपुर।उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग, लखनऊ के उपाध्यक्ष अतुल सिंह एवं सदस्य राजेश सिंह सेंगर द्वारा जनपद बलरामपुर में संचालित गौ आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने विकास खंड हरैया सतघरवा स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र मोतीपुर कला, अस्थायी गो आश्रय स्थल मोतीपुर कला तथा विकास खंड बलरामपुर के अस्थायी गो आश्रय स्थल सिरसई का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के उपरांत उपाध्यक्ष एवं सदस्य द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी एवं पशु चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में गो आश्रय स्थलों के संचालन, गोवंश संरक्षण एवं व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।उपाध्यक्ष एवं सदस्य ने निर्देशित किया कि गौ संरक्षण संबंधी कार्य पूरी गंभीरता एवं मनोयोग से किए जाएं तथा गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नवाचार आधारित प्रयासों को बढ़ावा दिया जाए।उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गो आश्रय स्थल पर गोवंशों को निर्धारित समय पर हरा चारा उपलब्ध कराया जाए तथा गोवंशों की संख्या के अनुसार पर्याप्त संख्या में केयर टेकर (गोसेवक) तैनात किए जाएं। गोवंशों के भरण-पोषण हेतु अधिक से अधिक क्षेत्रफल में हरे चारे की बुवाई कराने पर भी जोर दिया गया।उपाध्यक्ष ने निर्देशित किया कि वर्तमान समय में गेहूं कटाई के उपरांत सस्ते दरों पर उपलब्ध भूसे का भंडारण आगामी एक वर्ष की आवश्यकता के अनुसार माह अप्रैल एवं मई में ही सुनिश्चित कर लिया जाए। उन्होंने गर्मी एवं लू से बचाव हेतु शेडों को टाट के पर्दों से आच्छादित करने, शेडों के ऊपर जूट एवं पुवाल बिछाकर नियमित पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दिए।उपाध्यक्ष एवं सदस्य ने कहा कि सभी गो आश्रय स्थलों में पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, जहां से चारा एवं पेयजल व्यवस्था की प्रभावी निगरानी की जा सके।किसानों को गो आधारित प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित एवं प्रशिक्षित किए जाने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।