माडर्न शीला शिक्षा निकेतन विद्यालय में पाई सन्निकटन दिवस धूमधाम से मनाया गया
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
मौर्या गंज, बलरामपुर।शिक्षा क्षेत्र रेहरा बाजार के माडर्न शीला शिक्षा निकेतन विद्यालय मौर्या गंज में पाई सन्निकटन दिवस (Pi Approximation Day) बड़े उत्साह, उमंग एवं रचनात्मक वातावरण के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से π (3.14) के महत्व को समझा, आकर्षक मॉडल तैयार किए तथा गणित को सरल, रोचक एवं प्रयोगात्मक रूप में प्रस्तुत किया।कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने गतिविधि-आधारित शिक्षण (Activity Based Learning) के माध्यम से गणितीय अवधारणाओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने चार्ट, मॉडल,प्रस्तुतीकरण एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के जरिए यह सिद्ध किया कि गणित केवल पुस्तकों तक सीमित विषय नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र से जुड़ा हुआ विज्ञान है।विद्यालय के प्रधानाध्यापक गुरु प्रसाद वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गणित को समझने का सर्वोत्तम तरीका केवल उसे पढ़ना नहीं, बल्कि गतिविधियों, प्रयोगों और अनुभवों के माध्यम से सीखना है।उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तार्किक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समस्या-समाधान की क्षमता तथा रचनात्मकता का विकास करना है।ऐसे गतिविधि-आधारित कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें नवाचार की दिशा में प्रेरित करते हैं।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि विकसित करना, तार्किक एवं विश्लेषणात्मक सोच को प्रोत्साहित करना, रचनात्मकता का विकास करना तथा कठिन गणितीय अवधारणाओं को सरल, सहज एवं आनंददायक बनाना था।विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पाई (π) के इतिहास, महत्व तथा उसके दैनिक जीवन, विज्ञान, इंजीनियरिंग, वास्तुकला, कंप्यूटर विज्ञान, अंतरिक्ष अनुसंधान एवं आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में होने वाले उपयोगों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, आत्मविश्वास एवं सक्रिय सहभागिता के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और यह सिद्ध किया कि यदि शिक्षा को प्रयोगात्मक एवं गतिविधि-आधारित बनाया जाए, तो सीखना वास्तव में आनंददायक और प्रभावी अनुभव बन जाता है।विद्यालय परिवार का सदैव यह प्रयास रहता है कि विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक, रचनात्मक, वैज्ञानिक एवं नवाचारपूर्ण शिक्षा भी प्रदान की जाए, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वासपूर्वक सामना कर सकें।”गणित केवल अंकों का खेल नहीं, बल्कि सोचने, समझने, तर्क करने और समस्याओं का समाधान खोजने की कला है।”इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक मस्त राम मौर्य समेत शिक्षकगण आर. आर. वर्मा, अमन गुप्ता, सौरभ वर्मा, रीना सिंह, किरन चौहान, सरस्वती वर्मा, निशा मौर्या, निशा एवं अंजनी एवं विद्यालय के छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।