पूर्व प्रधान हत्याकांड में एक और आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में मारपीट में शामिल होने की बात स्वीकारी
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
बलरामपुर। थाना सादुल्लानगर क्षेत्र के चर्चित पूर्व प्रधान एवं भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष तेज बहादुर यादव हत्याकांड में पुलिस को एक और सफलता मिली है। फरार चल रहे वांछित आरोपी पूरब सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने घटना के दौरान मौके पर पहुंचकर मारपीट में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार, परशुरामपुर निवासी सुशीला देवी की तहरीर पर थाना सादुल्लानगर में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि 14 मई 2026 को ग्राम गोल्हीपुर स्थित काली मंदिर के पास आयोजित शादी समारोह में महिलाओं के बीच हुए विवाद के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे उनके पति तेज बहादुर यादव पर लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल तेज बहादुर यादव को पहले सीएचसी सादुल्लानगर और बाद में जिला अस्पताल गोंडा रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। मामले में थाना सादुल्लानगर पर मु0अ0सं0-22/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर हत्याकांड के सफल अनावरण एवं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी उतरौला डॉ जितेंद्र कुमार के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष सत्येन्द्र वर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही थी।इसी क्रम में शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने वांछित आरोपी पूरब सिंह पुत्र पूरन सिंह निवासी ग्राम जाफरपुर, थाना सादुल्लानगर को गिरफ्तार कर लिया। विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया।पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन उसे रिंकू ने गोल्हीपुर में मारपीट की सूचना दी थी। इसके बाद वह रिंकू, लारेब, आसिफ, मोहम्मद साहिल, जयकरन समेत अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचा। वहां विवाद बढ़ने पर उसने भी तेज बहादुर यादव के साथ मारपीट की। आरोपी के मुताबिक, इसी दौरान रिंकू ने लोहे की रॉड से तेज बहादुर यादव पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। इसके बाद वह घबराकर मौके से भाग गया।पुलिस ने बताया कि इस हत्याकांड में पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।गिरफ्तार करने वाली टीम में थानाध्यक्ष सत्येन्द्र वर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुरेन्द्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल सोम कुमार, कांस्टेबल सौरभ कुमार तथा आरक्षी कुलदीप यादव शामिल रहे।