माडर्न शीला विद्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस पर खेल प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन, चारों हाउसों के विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
मौर्यागंज, बलरामपुर।माडर्न शीला विद्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों के बीच विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन बड़े उत्साह एवं उमंग के साथ किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यालय के चारों हाउस—शौर्य, ज्ञान, संस्कार एवं प्रगति—के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। विभिन्न खेलों में विद्यार्थियों ने अपनी खेल प्रतिभा, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया।राष्ट्रीय खेल दिवस प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को महान हॉकी खिलाड़ी एवं हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इसी क्रम में विद्यालय में विद्यार्थियों को खेलों के प्रति जागरूक करने, उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने तथा शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाने के उद्देश्य से विभिन्न मनोरंजक एवं कौशल-आधारित प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं।कार्यक्रम के दौरान स्लो साइकिल रेस, बोरा पहन दौड़ प्रतियोगिता, लेमन एंड स्पून रेस, ब्लाइंडफोल्ड रेसिंग सहित कई प्रकार की खेल प्रतियोगिताएँ कराई गईं। चारों हाउसों के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया और एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी।स्लो साइकिल रेस प्रतियोगिता में संस्कार हाउस के कक्षा 10 के छात्र अबिद अली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
बोरा पहन दौड़ प्रतियोगिता में संस्कार हाउस के कक्षा 4 के छात्र समर विजेता रहे।वहीं लेमन एंड स्पून रेस में शौर्य हाउस की कक्षा 8 की छात्रा नेहा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त की।
ब्लाइंडफोल्ड रेसिंग प्रतियोगिता में ज्ञान हाउस की कक्षा 9 की छात्रा अंजली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया।
सभी प्रतियोगिताओं में चारों हाउसों के विद्यार्थियों के प्रदर्शन एवं प्राप्त अंकों के आधार पर शौर्य हाउस को प्रतियोगिता का समग्र विजेता घोषित किया गया। शौर्य हाउस के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक अंक अर्जित किए और अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की।इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के लिए विभिन्न मनोरंजक एवं शारीरिक दक्षता से संबंधित खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। खेलों के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह, जोश और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना देखने को मिली। शिक्षकों ने प्रतियोगिताओं के संचालन एवं विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।विद्यालय के प्रधानाचार्य जी. पी. वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। खेलों से विद्यार्थियों में शारीरिक मजबूती के साथ-साथ अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, सहयोग की भावना और निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है।विद्यालय के प्रबंधक मस्तराम मौर्य ने राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों को हार-जीत से आगे बढ़कर निरंतर प्रयास करना, अनुशासन में रहना और टीम के साथ मिलकर लक्ष्य प्राप्त करना सिखाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साह की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की बात कही।कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मेजर ध्यानचंद जी के जीवन, उनकी खेल प्रतिभा तथा भारतीय खेल जगत में उनके योगदान के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे खेलों को केवल प्रतियोगिता के रूप में न देखें, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम समझें।विद्यालय परिवार द्वारा आयोजित इस खेल महोत्सव ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षकगण आर. आर. वर्मा, अमन गुप्ता, सौरभ वर्मा, दिलीप वर्मा, रीना सिंह, किरन चौहान, सरस्वती वर्मा, निशा मौर्या, निशा, अंजनी , प्रीति प्रजापति सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।माडर्न शीला विद्यालय का सदैव प्रयास रहता है कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेल, कला, रचनात्मकता, अनुशासन एवं नेतृत्व के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जाएँ, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके और वे भविष्य में आत्मविश्वास के साथ समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।”खेल केवल जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, संघर्ष, आत्मविश्वास और टीम भावना सीखने का विद्यालय हैं।”