मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम को लेकर वन विभाग सतर्क, वन क्षेत्रों में लगातार गश्त एवं निगरानी
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
संवेदनशील स्थानों पर कैमरा ट्रैप स्थापित, पिंजड़ा लगाकर वन्यजीव की गतिविधियों पर रखी जा रही नजर
ग्रामीणों को पम्पलेट एवं लाउडस्पीकर के माध्यम से किया जा रहा जागरूक, 24 घंटे निगरानी के लिए टीम गठित
बलरामपुर।सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग अंतर्गत मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की रोकथाम एवं जनमानस की सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा लगातार सतर्कता बरती जा रही है। विभागीय कार्मिकों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त के साथ ही लाउडस्पीकर, पम्पलेट एवं ब्रोशर के माध्यम से ग्रामीणों को वन्यजीवों से बचाव के उपाय तथा “क्या करें, क्या न करें” के संबंध में जागरूक किया जा रहा है।इसी क्रम में दिनांक 24 अगस्त 2026 को रामपुर रेंज अंतर्गत खदगौरा, थाना कोतवाली गैसड़ी निवासी विजयपाल एवं कन्हैयालाल पुत्रगण बनवारी लाल की 83 भेड़ों पर किसी वन्यजीव द्वारा हमला किए जाने की सूचना प्राप्त होते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हुई। विभागीय अधिकारियों, उप प्रभागीय वनाधिकारी एवं रेंज स्टाफ द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मौके पर मिले पगमार्ग की जांच में तेन्दुए के स्थान पर लकड़बग्घे के पगमार्ग की पुष्टि हुई।घटना के उपरांत वन विभाग द्वारा तत्काल प्रभाव से 24 घंटे सतत निगरानी एवं जागरूकता के लिए टीम गठित की गई। टीम द्वारा घटना स्थल के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में लगातार गश्त एवं मॉनिटरिंग की जा रही है। ग्रामीणों को पम्पलेट एवं ब्रोशर वितरित कर वन्यजीव दिखाई देने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी भी दी जा रही है।वन विभाग द्वारा एहतियात के तौर पर घटना स्थल एवं आसपास के संवेदनशील स्थानों पर कैमरा ट्रैप स्थापित कर वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही आवश्यक अनुमति की प्रत्याशा में क्षेत्र में पिंजड़ा लगाकर भी निगरानी की जा रही है। विभागीय टीमें क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं और प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।प्रभावित पशुपालकों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी वन विभाग द्वारा कार्रवाई की गई है।शासनादेश के अंतर्गत अनुमन्य अनुग्रह राशि के भुगतान हेतु प्रस्ताव सक्षम स्तर को प्रेषित किया जा चुका है। सक्षम स्तर से बजट प्राप्त होते ही नियमानुसार भुगतान की कार्रवाई की जाएगी।वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वन्यजीवों को लेकर अनावश्यक भय अथवा अफवाह से बचें और वन क्षेत्र में प्रवेश न करें।किसी भी क्षेत्र में तेंदुआ अथवा अन्य वन्यजीव दिखाई देने, उसकी गतिविधि की जानकारी मिलने अथवा वन्यजीव से संबंधित किसी घटना की स्थिति में तत्काल संबंधित वन अधिकारी को सूचित किया जा सकता है— क्षेत्रीय वनाधिकारी, भांभर — 9616399300, क्षेत्रीय वनाधिकारी, रामपुर — 7080992200,क्षेत्रीय वनाधिकारी, तुलसीपुर — 9517170830,क्षेत्रीय वनाधिकारी, बरहवा — 7906962094, क्षेत्रीय वनाधिकारी, बनकटवा — 9919248813, क्षेत्रीय वनाधिकारी, पूर्वी सोहेलवा — 8299660750, क्षेत्रीय वनाधिकारी, पश्चिमी सोहेलवा — 9450020146,वन विभाग ने जनपदवासियों से अपील की है कि सतर्क रहें, अफवाहों से बचें और वन्यजीव संबंधी किसी भी सूचना को तत्काल विभाग के साथ साझा करें। वन विभाग की टीमें जनसुरक्षा एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए लगातार सक्रिय हैं।