दंपती की मौत ने झकझोरा, राधेश्याम वर्मा ने परिजनों से मिलकर जताया शोक
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
उतरौला(बलरामपुर)गैंड़ास बुजुर्ग थाना क्षेत्र के बसुपुर गांव में सोमवार को युवा दंपती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। एक साथ पति-पत्नी की मौत की खबर ने हर किसी को झकझोर दिया। मंगलवार को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। अंत्येष्टि स्थल पर मौजूद लोगों की आंखें नम रहीं।बताया गया कि बसुपुर गांव निवासी मनोज कुमार (28) और उनकी पत्नी मंजू (26) सोमवार को अपने घर के एक कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया था। युवा दंपती की मौत से गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई।सबसे मार्मिक स्थिति उनके दो छोटे बच्चों को देखकर रही। कम उम्र में ही माता-पिता का साया सिर से उठ जाने से बच्चों के भविष्य को लेकर ग्रामीणों में चिंता है। घटना ने परिवार के साथ-साथ पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।मंगलवार को दंपती की अंत्येष्टि हिंदू धर्म के अनुसार संपन्न हुई। इसी दौरान एनएमओ (नेशनल मेडिकोज ऑर्गनाइजेशन) बलरामपुर के जिला अध्यक्ष, भाजपा कार्यकारिणी सदस्य एवं उतरौला विधानसभा क्षेत्र के भावी प्रत्याशी राधेश्याम वर्मा अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचे।उन्होंने दिवंगत मनोज कुमार और मंजू को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस दुख की घड़ी में हर संभव सहयोग और साथ खड़े रहने की बात कही।राधेश्याम वर्मा ने कहा कि युवा दंपती का इस तरह असमय चले जाना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि दोनों छोटे बच्चों ने कम उम्र में ही अपने माता-पिता को खो दिया।उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में समाज की जिम्मेदारी है कि वह पीड़ित परिवार के साथ खड़ा रहे और बच्चों के भविष्य को लेकर भी संवेदनशीलता दिखाए। जरूरत के समय परिवार को भावनात्मक और सामाजिक सहयोग मिलना बेहद जरूरी है।गौरतलब है कि राधेश्याम वर्मा लंबे समय से सामाजिक एवं जनसेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहे हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भी उनकी सहभागिता रही है। वे जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क चिकित्सा सेवाओं और विभिन्न सेवा अभियानों में भाग लेते रहे हैं।दंपती की मौत के बाद बसुपुर गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस दुखद घटना से पूरा गांव स्तब्ध है। वहीं, घटना से जुड़े वास्तविक कारणों को लेकर लोगों की निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं।