जिलाधिकारी ने देशी व कम्पोजिट शराब की दुकानों का किया औचक निरीक्षण
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
बलरामपुर।जनपद में आबकारी व्यवस्था को पूर्णतः पारदर्शी, नियमबद्ध एवं उपभोक्ता हितैषी बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन द्वारा देशी शराब की दुकान भगवतीगंज एवं कंपोजिट शराब की दुकान भगवतीगंज का औचक निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने दुकानों पर उपलब्ध समस्त व्यवस्थाओं का गहनता से परीक्षण करते हुए निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने दुकान पर प्रदर्शित रेट सूची का अवलोकन किया तथा निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित मूल्य सूची स्पष्ट एवं प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित रहे, जिससे उपभोक्ताओं को निर्धारित मूल्य की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।उन्होंने दुकान के लाइसेंस, बिक्री रजिस्टर तथा अन्य अभिलेखों का भी बारीकी से निरीक्षण कर उनका सत्यापन किया।जिलाधिकारी ने दुकानों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की जांच की तथा निर्देशित किया कि सभी कैमरे निरंतर संचालित अवस्था में रहें और उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए, ताकि किसी भी शिकायत अथवा अनियमितता की स्थिति में उसका सत्यापन किया जा सके।निरीक्षण के दौरान दुकानों पर उपलब्ध शराब के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कर अभिलेखों एवं स्टॉक रजिस्टर से उसका मिलान किया गया। साथ ही ई-पॉस मशीन के माध्यम से की जा रही बिक्री प्रक्रिया का भी अवलोकन किया गया तथा यह सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक बिक्री निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ई-पॉस के माध्यम से ही की जा रही है।जिलाधिकारी ने विशेष रूप से ओवररेटिंग की संभावनाओं की जांच की तथा उपभोक्ताओं से निर्धारित मूल्य से अधिक धनराशि वसूले जाने की स्थिति पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने शराब की विभिन्न बोतलों पर अंकित क्यूआर कोड को स्कैन कर उसकी प्रामाणिकता का सत्यापन किया तथा मिलावटी अथवा अवैध शराब की संभावना को परखने के लिए आवश्यक जांच भी की।जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में शराब की बिक्री पूर्णतः पारदर्शी, निर्धारित मूल्य पर तथा शासन की गाइडलाइन के अनुरूप ही सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की ओवररेटिंग, अनियमितता, स्टॉक में गड़बड़ी अथवा अवैध गतिविधि पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आबकारी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए औचक निरीक्षण की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।इस दौरान जिला आबकारी अधिकारी उपस्थित रहें।