पहाड़ी नाले की अधूरी सफाई से फिर गांव में घुसा हिमालय की तलहटी का पानी
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
इटैहिया में स्कूल परिसर जलमग्न, सड़क पर तीन फीट पानी; स्थायी समाधान की मांग तेज
बलरामपुर। हरैया सतघरवा विकासखंड के ग्राम इटैहिया (बनघुसरी) में हिमालय की तलहटी से आने वाले पहाड़ी नाले का पानी एक बार फिर गांव में घुस जाने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। नाले की अधूरी सफाई और जल निकासी व्यवस्था बाधित होने के कारण पानी प्राथमिक विद्यालय इटैहिया के सामने तक पहुंच गया, जबकि विद्यालय परिसर भी जलमग्न हो गया। गांव की संपर्क सड़क पर करीब तीन फीट पानी भर जाने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित है और स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी ठप हो गई है।
सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया था। उन्होंने सिंचाई और राजस्व विभाग के अधिकारियों को तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके बाद विभागीय टीम ने जेसीबी से सड़क किनारे मिट्टी डालकर अस्थायी बांध बनाया, जिससे पानी का बहाव फिलहाल स्कूल की ओर रुक गया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि इससे गांव के लोगों के लिए रास्ता और अधिक कठिन हो गया है।ग्रामीण सुंदर, पताराम, रामसमुझ, भूरे प्रसाद, कासिम खान, मालिक राम, राम बाबू, हकीउल्लाह, अलखराम, शेषाराम, बच्चे और हाशिम खान समेत अन्य लोगों ने बताया कि गांव के पास स्थित हेंगहा पहाड़ी नाले की तीन माह पहले केवल आधी-अधूरी सफाई कराई गई थी। नाले की पूरी तरह सफाई न होने से पानी का प्राकृतिक बहाव बाधित है और हिमालय की तलहटी में अधिक बारिश होते ही पानी गांव में प्रवेश कर जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि नाले की भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। जल निकासी का प्राकृतिक मार्ग संकरा होने से पानी गांव में फैल जाता है और संपर्क मार्ग कट जाने के कारण लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने में भारी कठिनाई उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि पिछले एक सप्ताह से बच्चे घरों से बाहर नहीं निकल पाए हैं और स्कूल भी नहीं जा सके हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य मार्ग पर ह्यूम पाइप डालकर स्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्य शुरू नहीं हुआ है
अस्थायी बांध बनने के बाद अब लोगों को करीब तीन फीट गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। तेज बहाव के कारण कई लोग फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि हेंगहा पहाड़ी नाले की तत्काल संपूर्ण सफाई कराई जाए, अतिक्रमण हटाया जाए तथा गांव के लिए स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि हर वर्ष बरसात में होने वाली इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके।