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उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए बिक्री केन्द्रों का औचक निरीक्षण

रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर

अभिलेखों एवं पीओएस वितरण में अंतर मिलने पर तीन समितियों के सचिवों को कारण बताओ नोटिस

बलरामपुर।जनपद में कृषकों को सुगमतापूर्वक, निर्धारित दर पर एवं गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा उर्वरकों के वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार एवं वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए (कृषि) राकेश चन्द्र पाण्डेय द्वारा विभिन्न उर्वरक बिक्री केन्द्रों एवं सहकारी समितियों का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता, स्टॉक एवं वितरण पंजिका, पीओएस मशीन में दर्ज बिक्री, एसएमएस के माध्यम से प्रदर्शित वितरण, रेट बोर्ड एवं स्टॉक बोर्ड सहित अन्य अभिलेखों की जांच की गई। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित को नोटिस जारी करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।बी-पैक्स मानापार बहेरिया के निरीक्षण के समय समिति बंद पाई गई। समिति के सचिव राकेश पाण्डेय से दूरभाष पर संपर्क करने पर बताया गया कि समिति बंद है तथा समिति के संचालक ऑडिट के लिए गोण्डा गए हैं। अभिलेखों की जांच में पाया गया कि 19 अगस्त को समिति द्वारा 218 बोरी यूरिया का वितरण बताया गया, जबकि पीओएस मशीन में 285 बोरी यूरिया का वितरण प्रदर्शित हो रहा था। इस विसंगति के संबंध में समिति सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।एम-पैक्स गैण्डास बुजुर्ग के निरीक्षण में समिति सचिव विजय बहादुर मिश्रा उपस्थित मिले। वितरण पंजिका में 19 अगस्त को 108 बोरी यूरिया का वितरण दर्ज पाया गया, जबकि पीओएस मशीन में 162 बोरी का वितरण प्रदर्शित हुआ। इस संबंध में भी समिति सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।इसी प्रकार साधन सहकारी समिति तिलखीनगर के निरीक्षण में वितरण पंजिका में 134 बोरी यूरिया का वितरण दर्ज पाया गया, जबकि पीओएस मशीन में 142 बोरी का वितरण प्रदर्शित हुआ। वितरण संबंधी अभिलेखों में अंतर मिलने पर समिति सचिव अनुराग सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।खुशहाली कृषि सेवा केन्द्र, गैण्डास बुजुर्ग के निरीक्षण में प्रतिष्ठान पर रेट बोर्ड, स्टॉक बोर्ड एवं दुकान के नाम का साइन बोर्ड लगा पाया गया।विक्रेता को स्टॉक एवं वितरण रजिस्टर के सभी कॉलम पूर्ण करते हुए अभिलेख अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि कृषकों को उनकी खतौनी एवं फसल की आवश्यकता के आधार पर निर्धारित दर पर तथा बिना किसी प्रकार की टैगिंग के उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। नियमों का उल्लंघन अथवा शिकायत मिलने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।आजम खाद बीज भण्डार, गैण्डास बुजुर्ग के निरीक्षण में विक्रेता उपस्थित मिले तथा प्रतिष्ठान पर रेट बोर्ड, स्टॉक बोर्ड एवं साइन बोर्ड लगा पाया गया।स्टॉक एवं वितरण रजिस्टर में मिली कमियों को दूर करते हुए अभिलेख अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए। विक्रेता को निर्देशित किया गया कि वितरण पंजिका में कृषक का आधार नम्बर, खतौनी नम्बर, फार्मर आईडी एवं मोबाइल नम्बर सहित आवश्यक विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए तथा फसल संस्तुति एवं आवश्यकता के अनुरूप निर्धारित दर पर बिना टैगिंग के उर्वरक बेचा जाए।लालजी खाद भण्डार, हासिमपारा के निरीक्षण में पीओएस मशीन के अनुसार वितरण अद्यतन पाया गया तथा रेट बोर्ड, स्टॉक बोर्ड एवं प्रतिष्ठान का साइन बोर्ड भी लगा मिला। विक्रेता को रेट बोर्ड पर प्रतिदिन प्रारम्भिक स्टॉक सहित आवश्यक जानकारी अद्यतन करने तथा वितरण पंजिका में कृषक का नाम, पूरा पता, खतौनी, आधार कार्ड, मोबाइल नम्बर, प्रति बोरी उर्वरक की दर एवं बिक्री की मात्रा स्पष्ट रूप से अंकित करने के निर्देश दिए गए।जिला कृषि अधिकारी ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया कि उर्वरकों की बिक्री शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही की जाए तथा किसी अन्य उत्पाद की टैगिंग न की जाए। स्टॉक एवं वितरण से संबंधित अभिलेखों और पीओएस मशीन को अद्यतन रखा जाए। अनियमितता, ओवररेटिंग अथवा टैगिंग की शिकायत पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।जिला कृषि विभाग ने कृषकों से अपील की है कि वे खतौनी, फार्मर आईडी एवं आधार कार्ड के साथ फसल की संस्तुति एवं वास्तविक आवश्यकता के अनुसार अपने नजदीकी निजी उर्वरक विक्रेता अथवा साधन सहकारी समिति से उर्वरक क्रय करें। जनपद में उर्वरकों की किसी प्रकार की कमी नहीं है तथा कृषकों को आवश्यकतानुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है।

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