डीएम की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला पोषण समिति की बैठक सम्पन्न
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
गर्भवती महिलाओं का समय से पंजीकरण, शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव एवं टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश
बलरामपुर।जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला पोषण समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद में संचालित स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड निर्माण, जननी सुरक्षा योजना, परिवार नियोजन, आशा भुगतान, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की क्रियाशीलता तथा चिकित्सालयों में ओपीडी सहित विभिन्न स्वास्थ्य संकेतकों की प्रगति की समीक्षा की।जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। ग्राम स्तर पर आशा एवं एएनएम के माध्यम से नियमित निगरानी करते हुए प्रत्येक पात्र लाभार्थी को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाए।बैठक में एएनसी रजिस्ट्रेशन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जुलाई 2026 तक जनपद में अनुमानित 31,698 एएनसी के सापेक्ष 31,127 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया गया है। एएनसी पंजीकरण की जनपद की उपलब्धि 98.19 प्रतिशत रही। प्रथम तिमाही में पंजीकरण की उपलब्धि 98.25 प्रतिशत तथा चार या उससे अधिक एएनसी की उपलब्धि 98.73 प्रतिशत दर्ज की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक गर्भवती महिला की पहचान प्रारंभिक अवस्था में करते हुए प्रथम तिमाही में ही पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित समय पर सभी आवश्यक एएनसी जांच कराई जाएं। जिन क्षेत्रों में प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां आशा एवं एएनएम के माध्यम से विशेष प्रयास किए जाएं।संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की सुविधाओं के बारे में जागरूक किया जाए। जुलाई 2026 की समीक्षा में जनपद में 20,022 संस्थागत प्रसव दर्ज किए गए।जिलाधिकारी ने होम डिलीवरी वाले क्षेत्रों की विशेष समीक्षा करते हुए इसके कारणों का पता लगाने और गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व प्रभावी ट्रैकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय से पहचान की जाए तथा आवश्यकता के अनुसार गर्भवती महिलाओं को उच्च चिकित्सा इकाइयों पर रेफर किया जाए। आशा, एएनएम एवं संबंधित स्वास्थ्य कर्मी संभावित प्रसव की सूची के आधार पर लाभार्थियों से निरंतर संपर्क बनाए रखें।आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा में बताया गया कि जनपद में 2,06,671 लक्षित परिवारों के सापेक्ष 1,89,169 परिवारों में कम से कम एक सदस्य का आयुष्मान कार्ड बनाया जा चुका है, जो 91.53 प्रतिशत उपलब्धि है।जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन गांवों में आयुष्मान योजना के अधिक लाभार्थी अभी गोल्डन कार्ड से वंचित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर संतृप्त किया जाए। ऐसे गांवों में विशेष कैंप लगाकर पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जाएं। 28 जुलाई से 20 अगस्त के मध्य बड़े गांवों में चलाए गए अभियान के तहत 3,967 सदस्यों के गोल्डन कार्ड बनाए गए। जिलाधिकारी ने अभियान को और प्रभावी बनाते हुए शेष पात्र लाभार्थियों को शीघ्र आच्छादित करने के निर्देश दिए।जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 24 अगस्त 9,379 लाभार्थियों का भुगतान किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने शेष लंबित मामलों की इकाईवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों के भुगतान में अनावश्यक विलंब न हो। आवश्यक औपचारिकताएं तत्काल पूरी कर भुगतान की प्रक्रिया तेज की जाए।बैठक में परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत आईयूसीडी, प्रसव पश्चात आईयूसीडी तथा अंतरा त्रैमासिक इंजेक्शन की उपलब्धता एवं प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि पात्र दंपतियों को परिवार नियोजन के उपलब्ध स्थायी एवं अस्थायी साधनों के बारे में परामर्श दिया जाए तथा स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाओं की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।जिलाधिकारी ने उपकेंद्र स्तरीय आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए सीएचओ की नियमित उपस्थिति तथा ई-संजीवनी के माध्यम से परामर्श सेवाओं को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। जुलाई 2026 में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर 78,422 ओपीडी दर्ज की गई तथा ई-संजीवनी के माध्यम से 33,776 परामर्श उपलब्ध कराए गए।एलोपैथिक ओपीडी की समीक्षा में बताया गया कि वर्ष 2026-27 में अब तक जनपद में 6,78,125 ओपीडी दर्ज की गई है। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य इकाइयों पर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की समय से उपस्थिति, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान की समीक्षा में बताया गया कि जुलाई माह में जनपद की 2,209 कार्यरत आशाओं में 2,172 आशाओं द्वारा क्लेम प्रस्तुत किया गया तथा लगभग ₹1.26 करोड़ की प्रोत्साहन धनराशि का भुगतान किया गया।जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आशा कार्यकर्ताओं के क्लेम एवं भुगतान की प्रक्रिया समयबद्ध रखी जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक लंबितता न रहे।जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि बैठक में चिन्हित कमियों पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।खराब प्रगति वाले ब्लॉक अपनी कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला, बच्चे एवं परिवार को योजनाओं का लाभ दिलाना प्राथमिकता रहेगी।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मुकेश रस्तोगी, समस्त सीएमएस व जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता एनएचएम विनोद कुमार त्रिपाठी उपस्थित रहे।