रक्षाबंधन पर डिवाइन पब्लिक स्कूल ने निभाई अनूठी परंपरा, एसएसबी जवानों की कलाइयों पर सजे रक्षा सूत्र
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
बलरामपुर। नगर में संचालित अंग्रेजी माध्यम डिवाइन पब्लिक स्कूल में रक्षाबंधन का पर्व इस वर्ष भी प्रेम, संस्कार, सम्मान और देशभक्ति की भावना के साथ बड़े उत्साह से मनाया गया। रक्षाबंधन से एक दिन पूर्व विद्यालय में रक्षा सूत्र बांधने का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रथम चरण में विद्यालय के भाई-बहनों ने एक-दूसरे की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को मजबूत किया।इसके बाद विद्यालय की वर्षों पुरानी परंपरा के अनुरूप एसएसबी 9वीं बटालियन, बलरामपुर के जवानों को विद्यालय परिसर में आमंत्रित कर विशेष रक्षाबंधन समारोह आयोजित किया गया। कमांडेंट एम.के. पांडेय सर कुछ आवश्यक कार्य के कारण बटालियन से बाहर होने के बावजूद उन्होंने इस पवित्र परंपरा को जारी रखने के लिए डिप्टी कमांडेंट सौरभ पांडेय के नेतृत्व में अपने जवानों को डिवाइन पब्लिक स्कूल भेजा।विद्यालय पहुंचने पर छात्राओं एवं महिला शिक्षिकाओं ने एसएसबी जवानों की कलाइयों पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर जवानों ने भी विद्यालय की बहनों से भाई का रिश्ता निभाते हुए उनकी सुरक्षा और सम्मान का संकल्प व्यक्त किया।कमांडेंट एम.के. पांडेय सर ने बाहर होने के बावजूद विद्यालय की इस परंपरा और बहनों के प्रति अपने स्नेह को विशेष संदेश के माध्यम से व्यक्त किया। उन्होंने जवानों से कहा कि “स्कूल की बहनों से मेरी तरफ से कहिएगा कि जैसे ही हमारा आगमन बलरामपुर में होगा, हम विद्यालय आकर अपने बच्चों और बहनों से अवश्य मिलेंगे।” कमांडेंट साहब के इस संदेश ने विद्यालय परिवार को भावुक कर दिया और बच्चों में भी उनके प्रति विशेष सम्मान की भावना देखने को मिली।
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि देश की सुरक्षा में दिन-रात तैनात रहने वाले जवानों को कई बार अपने परिवार और बहनों से दूर रहकर त्योहार मनाना पड़ता है। ऐसे में डिवाइन पब्लिक स्कूल की कोशिश रहती है कि इन वीर जवानों को अपने घर-परिवार से दूर होने का एहसास कम हो और वे विद्यालय परिसर में बहनों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाकर परिवार जैसा अपनापन महसूस कर सकें।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक आशीष उपाध्याय ने एसएसबी जवानों का स्वागत करते हुए कहा कि “आप सभी हमारे विद्यालय के बच्चों के असली हीरो हैं। जिस प्रकार एक भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है, उसी प्रकार आप सभी जवान देशवासियों के लिए सुरक्षा कवच बनकर देश की रक्षा करते हैं। आपके त्याग, समर्पण और साहस के कारण ही हम अपने त्योहारों को उत्साह और उमंग के साथ मना पाते हैं।”
उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अत्यंत भाग्यशाली हैं कि उन्हें देश की सुरक्षा में समर्पित जवानों की कलाइयों पर रक्षा सूत्र बांधने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने बच्चों से जवानों के अनुशासन, त्याग, साहस और देशभक्ति से प्रेरणा लेने की अपील की।
रक्षाबंधन के इस भावुक अवसर पर जवानों ने भी विद्यालय की बहनों को विश्वास दिलाया कि जब भी वे बलरामपुर में तैनात रहेंगे, विद्यालय आकर इसी तरह अपनी बहनों से रक्षा सूत्र बंधवाते रहेंगे। जवानों और छात्राओं के बीच भाई-बहन के इस आत्मीय संबंध ने पूरे विद्यालय परिसर को भावुक और गौरवपूर्ण बना दिया।
गौरतलब है कि आमतौर पर कई विद्यालयों की छात्राएं जवानों के कैंपस में जाकर उन्हें राखी बांधती हैं, लेकिन डिवाइन पब्लिक स्कूल अपनी वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार जवानों को स्वयं विद्यालय परिसर में आमंत्रित करता है। विद्यालय का उद्देश्य केवल बच्चों को किताबी शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि उनमें संस्कार, संवेदना, राष्ट्रप्रेम और देश की रक्षा करने वाले वीर जवानों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना भी है।एसएसबी 9वीं बटालियन और डिवाइन पब्लिक स्कूल के बीच यह आत्मीय संबंध लगातार मजबूत होता जा रहा है। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि राष्ट्रीय पर्व हो या कोई भारतीय त्योहार, जवानों को परिवार जैसा अपनापन देने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए विद्यालय सदैव तत्पर रहेगा।रक्षाबंधन का यह आयोजन भाई-बहन के प्रेम के साथ-साथ देश की रक्षा करने वाले जवानों के प्रति कृतज्ञता, सम्मान और राष्ट्रप्रेम का अनुपम उदाहरण बन गया।