मुख्यमंत्री योगी की समीक्षा बैठक संपन्न, नवरात्रि मेले की तैयारियों व कानून व्यवस्था का लिया जायजा
रिपोर्ट – जितेन्द्र कुमार
बलरामपुर।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बलरामपुर मंडल की समीक्षा बैठक कर विकास कार्यों, कानून व्यवस्था और आगामी चैत्र नवरात्रि मेले की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि 19 मार्च से प्रारंभ हो रही चैत्र नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि चैत्र नवरात्रि के दौरान Devi Patan Temple शक्तिपीठ में प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन की व्यवस्था मिले। उन्होंने निर्देश दिया कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था की जाए।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नवरात्रि के अवसर पर मंदिरों और धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए तथा जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की जाए। इसके साथ ही बिजली की निर्बाध आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत रखी जाए। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मेले की तैयारियों की विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की और सभी व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए।कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि हर थाना क्षेत्र में शिक्षण संस्थानों के आसपास एंटी रोमियो स्क्वॉड सक्रिय रूप से तैनात रहे। शोहदों, चेन स्नेचरों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि आमजन में सुरक्षा की भावना बनी रहे।मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराधियों की पहचान कर उनकी तस्वीरें सार्वजनिक स्थानों और सोशल मीडिया पर प्रदर्शित की जाएं ताकि समाज में कानून का भय बना रहे। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस और सीमा सुरक्षा बल की संयुक्त निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि “छांगुर जैसा व्यक्ति दोबारा न पनपे।” इसके लिए ग्राम चौकीदारों को सक्रिय किया जाए और गांव स्तर पर सूचनाओं का आदान-प्रदान मजबूत किया जाए। जिला मॉनिटरिंग कमेटी की नियमित बैठक कर कानून व्यवस्था की समीक्षा की जाए तथा अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।अंतिम पायदान तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाली थारू जनजाति तथा अन्य परिवारों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से संतृप्त किया जाए।उन्होंने कहा कि थारू जनजाति क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर बिजली, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का निर्माण मई तक पूरा करने का निर्देश
बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने Maa Pateshwari State University का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि हर हाल में मई 2026 तक विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्माण कार्य की गुणवत्ता सर्वोच्च स्तर की होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में मौलश्री का पौधा भी रोपा। इसके बाद उन्होंने विश्वविद्यालय के मॉडल और निर्माण प्रगति का प्रेजेंटेशन देखा तथा कुलपति से निर्माण कार्य की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस विश्वविद्यालय को रिसर्च सेंटर के रूप में भी विकसित किया जाना चाहिए ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर मिल सकें।मेडिकल कॉलेज का भी किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने इसके बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए जल्द से जल्द नए शैक्षणिक सत्र में पढ़ाई शुरू कराई जाए।उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जाना जरूरी है ताकि मरीजों को इलाज के लिए अन्य जिलों में न जाना पड़े। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और डॉक्टरों तथा स्टाफ की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए।व्यापारियों की समस्याओं का हो प्राथमिकता से समाधान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला उद्योग बंधु और व्यापारी बंधुओं की नियमित बैठकें आयोजित की जाएं और व्यापारियों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए। इसके साथ ही राजस्व वादों, पैमाइश और विरासत के मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर संवाद होना चाहिए। सभी अधिकारी प्रतिदिन जनसुनवाई करें और आमजन की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।शिक्षा, पोषण और बाढ़ सुरक्षा पर भी दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है, इसलिए स्कूल चलो अभियान की तैयारियां समय से पूरी की जाएं। सभी बच्चों को ड्रेस, बैग, किताबें, जूते और मोजे समय से उपलब्ध कराए जाएं। आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार हो सके।इसके साथ ही उन्होंने संभावित बाढ़ से बचाव के लिए अभी से तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए। नदियों और पहाड़ी नालों के ड्रेनेज तथा चैनलाइजेशन के कार्य समय से पूरे किए जाएं ताकि बारिश के मौसम में किसी प्रकार की समस्या न हो।बैठक में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि और अधिकारी समीक्षा बैठक में विधायक पल्टूराम, विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, विधायक राम प्रताप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, एमएलसी साकेत मिश्र, नगर पालिका अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह सहित मंडल और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए विकास कार्यों को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास, सुशासन और जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें और जनहित के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें।