डीएम विपिन कुमार जैन के निर्देशन में शुरू हुआ सुवाँव नदी पुनरुद्धार अभियान
रिपोर्ट – जितेन्द्र पटेल
बलरामपुर। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन के निर्देशन में जनपद की ऐतिहासिक सुवाँव नदी के पुनरुद्धार एवं सफाई अभियान का कार्य ग्राम पंचायत महुआ इब्राहिम में शुरू करा दिया गया है। ग्राम प्रधान कुलदीप सिंह ने बताया कि नदी के जीर्णोद्धार से क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक विरासत पुनः जीवित होगी तथा नदी के किनारे बसे दर्जनों गांवों में जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधारने में बड़ी मदद मिलेगी।सुवाँव नदी, जो बलरामपुर जिले में बहने वाली राप्ती नदी की प्रमुख सहायक धारा है, का उल्लेख वर्ष 1906 के गोंडा गजेटियर में ‘सुवावन’ नाम से मिलता है। लगभग 120 किलोमीटर लंबी यह नदी अड़ार पाकड़ गांव स्थित झील से निकलकर विभिन्न आर्द्रभूमियों, तालाबों और झीलों को पुनर्जीवित करते हुए उतरौला क्षेत्र के पास राप्ती नदी में मिलती है।समय के साथ अतिक्रमण, अवैध निर्माण और विकास कार्यों के कारण नदी का स्वरूप प्रभावित हुआ और राजस्व अभिलेखों में इसे नाले के रूप में दर्ज कर दिया गया था। इसके विरोध में पर्यावरण प्रेमियों और जागरूक नागरिकों द्वारा उठाई गई आवाज के बाद राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सुवाँव को पुनः नदी के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया।
एनजीटी के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन द्वारा नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन की दिशा में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। ‘एक जनपद, एक नदी पुनरुद्धार’ कार्यक्रम के तहत नदी के कैचमेंट क्षेत्र में स्थित तालाबों को जोड़ा जा रहा है तथा नदी तटों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण की योजना भी संचालित है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि सुवाँव नदी के पुनर्जीवन से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में जल संकट की समस्या के समाधान और कृषि उत्पादन बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।