मानवता को तार – तार कर देने का कार्य फार्मासिस्ट ने किया प्रसव की दर्द से पीड़ित महिला को यह कहकर भेज दिया कि समय समाप्त हो गया
रिपोर्ट -ब्यूरो आचार्य स्कंद दास अयोध्या धाम
अयोध्या धाम बाजार में बारिश के बीच सड़क के किनारे प्रसव पीड़ा से तड़प रही विक्षिप्त महिला को समाजसेवियों ने पीएचसी पहुंचाया । जहां पर महिला का बिना पर्चा बनाए ही तैनात फार्मासिस्ट ड्यूटी समाप्त बता कर चलता बना । महिला को बिना रेफर पर्चे के ही एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगंज रमवाकला ले जाया गया । जहां पर महिला का इलाज चल रहा है । वही महिला के पति की लगभग 5 वर्ष पूर्व बिमारी से मौत हो चुकी है । महिला के एक लगभग 7 वर्ष का बच्चा भी है । मानसिक स्वास्थ्य ठिक होने के कारण वह कई वर्षों से बाजार के आसपास कचरे में पड़े खाद्य पदार्थों को खा लेती थी । या फिर बाजार वासी कुछ खाने को दे देते थे ।
घटना हैदरगंज थाना क्षेत्र की कस्बे की है जहां पर मंगलवार की दोपहर 1:00 बजे के आसपास बारिश के दौरान सड़क के किनारे कराहती हुई एक अर्धविक्षिप्त महिला को देखा तो उधर से गुजर रहे बाजार के समाजसेवी युवक शेर मोहम्मद ने महिला की हालत देखकर एक महिला को बुलाया है और बगल अस्पताल ले जाने के लिए कई वाहनों को रोका । परंतु कुछ देर मेहनत के बाद एक वाहन रोकने में कामयाब हो गया । जिसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगंज पहुंचा दिया । शेर मोहम्मद की सूचना पर क्षेत्र के समाजसेवी और अध्यापक कुलदीप पांडेय भी मौके पर पहुंच गये । और एएनएम को बुला लिया । परंतु दो बजने के बाद अपनी ड्यूटी खत्म बताकर पीएचसी पर तैनात एकलौते कर्मचारी फार्मासिस्ट एजाज अहमद बिना पर्चा बनाए ही भाग निकले । वही अस्पताल के फर्स पर महिला कराहती रही । दाई और एएनएम ने बताया कि अर्धविक्षिप्त महिला गर्भवती हैं और प्रसव पीड़ा से तड़प रही है । जिसे तत्काल अच्छा इलाज मिलना चाहिए । कुलदीप पांडेय ने एंबुलेंस बुला लिया। परंतु रेफर पर्चा ना होने कारण काफी मिन्नत करनी पड़ी । मौके पर पहुंचे हैदरगंज थाने के कांस्टेबल सोनू ने समाजसेवियों की मदद से अर्धविक्षिप्त महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगंज रमवाकला ले गये । जहां पर चिकित्सक अब्दुल कादिर और फार्मासिस्ट ने एकएनएम के सहयोग से जांच में क्रिटिकल होने पर जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया । वही मौके पर पहुंचे बगल के देवर ने बताया कि महिला के पति एक लौता था और उसकी लगभग चार वर्ष पूर्व बिमारी से मौत हो चुकी है । उसके एक बच्चा है । महिला अर्धविक्षिप्त है और कई कई दिनों तक घर ही नहीं आती है । बुलाने पर गाली देती है बाजार में टहलती रहती है । कूड़े पर फेके गये खाने को खाकर या कोई दया खाकर खाना दे देता था तो खा लेती थी । ऐसा की वर्षों से चल रहा है । इस बीच महिला कैसे गर्भवती हुई इसकी कोई जानकारी नहीं है ।
वही इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्साधिकारी अयोध्या के सीयूजी नंबर पर फोन किया गया तो उन्होंने बताया कि अभी मीटिंग में है बाद में बात करते हैं।
एम्बुलेंस 102 से पहुंची महिला की फोटो