ब्योन्दा माझा गाँव के मुहाने तक पहुंचा विशालकाय मगरमच्छ
रिपोर्ट – ब्यूरो गोण्डा
घाघरा-सरयू का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में बढ़ा खतरा, वन विभाग की टीम तलाश में जुटी
गोंडा। घाघरा और सरयू नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच तटीय क्षेत्रों में मगरमच्छों की सक्रियता से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सोमवार देर शाम करीब 4:30 बजे तरबगंज तहसील क्षेत्र के ब्योन्दा माझा गांव के मुहाने के पास एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई देने से हड़कंप मच गया। रिहायशी इलाके के बेहद करीब मगरमच्छ को देखकर ग्रामीणों ने शोर मचाकर उसे नदी की ओर भगाया।ग्रामीणों के मुताबिक मगरमच्छ बार-बार नदी से निकलकर आबादी की ओर आ रहा है। लोगों के शोर मचाने और हांका लगाने पर वह वापस पानी में चला जाता है, लेकिन ग्रामीणों में लगातार भय बना हुआ है। मगरमच्छ का वीडियो भी स्थानीय लोगों ने बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया।मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग सक्रिय हो गया। वन विभाग की टीम को मौके पर भेजकर मगरमच्छ की निगरानी और सुरक्षित रेस्क्यू के प्रयास शुरू किए गए हैं।तटीय क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि नवाबगंज से तरबगंज तक के संवेदनशील तटीय क्षेत्रों पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। जलस्तर बढ़ने के दौरान मगरमच्छों के नदी से बाहर आने की संभावना बढ़ जाती है। प्रभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और वन कर्मियों की तैनाती की गई है।उन्होंने ग्रामीणों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के किनारे जाने से बचने तथा मगरमच्छ दिखाई देने पर तत्काल प्रशासन या वन विभाग को सूचना देने की अपील की है।प्रभागीय वनाधिकारी अनुराग प्रियदर्शी ने बताया कि जनसुरक्षा को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र में वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है।मगरमच्छ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर उपयुक्त स्थान पर छोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।