“स्लिप डिस्क” को लेकर भ्रांतियां दूर करना जरूरी: डॉ राज कपूर मौर्य
रिपोर्ट ब्यूरो बलरामपुर
90-95% मरीज बिना ऑपरेशन के होते हैं ठीक
गलत पोस्चर, मोटापा और धूम्रपान भी हैं कमर दर्द के बड़े कारण
बिना जरूरत MRI से बचें, सही जानकारी से संभव है इलाज
अयोध्या। कमर दर्द और “स्लिप डिस्क” को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से डॉ. राज कपूर मौर्य ने लोगों को जागरूक किया।उन्होंने बताया कि डिस्क से जुड़ी समस्याओं को लेकर कई मिथक प्रचलित हैं, जो मरीजों को भ्रमित करते हैं और उन्हें गलत इलाज की ओर ले जाते हैं।
डॉ. मौर्य के अनुसार, आमतौर पर लोग “स्लिप डिस्क” को इस तरह समझते हैं जैसे कोई चीज अपनी जगह से खिसक जाती है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिस्क का अंदरूनी भाग (न्यूक्लियस) बाहर की परत पर दबाव डालकर उभार (Bulge) बना देता है या बाहर निकल सकता है। इसलिए “स्लिप” शब्द तकनीकी रूप से सही नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि कई लोग मानते हैं कि हड्डी बैठाने वाले हाथ से दबाकर डिस्क को ठीक कर सकते हैं, जबकि यह पूरी तरह गलत धारणा है। रीढ़ की डिस्क शरीर के अंदर गहराई में होती है और बाहरी दबाव से उसे ठीक करना संभव नहीं है।सर्जरी को लेकर फैली भ्रांतियों पर डॉ. मौर्य ने कहा कि लगभग 90 से 95 प्रतिशत मामलों में बिना ऑपरेशन के ही मरीज ठीक हो जाते हैं। सही फिजियोथेरेपी, समय और बेहतर पोस्चर से शरीर खुद ही डिस्क की समस्या को नियंत्रित कर लेता है।बेड रेस्ट को लेकर उन्होंने सावधानी बरतने की सलाह दी। उनका कहना है कि 2-3 दिन से अधिक बिस्तर पर रहने से मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और दर्द बढ़ सकता है। हल्की-फुल्की गतिविधि और नियमित चलना-फिरना रिकवरी के लिए आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि बहुत सख्त बिस्तर समस्या को बढ़ा सकता है, इसलिए मीडियम-फर्म गद्दा रीढ़ के लिए सबसे उपयुक्त होता है। साथ ही, MRI रिपोर्ट में डिस्क बल्ज आने का मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति को दर्द होगा—दर्द तभी होता है जब नस पर दबाव पड़ता है। डॉ. मौर्य ने कहा कि डिस्क की समस्या के बाद भी मरीज सामान्य जीवन जी सकता है। कोर मसल्स मजबूत होने के बाद जिम और वजन उठाना भी संभव है, बशर्ते सही तकनीक अपनाईसमस्य अंत में उन्होंने बताया कि यह समस्या केवल भारी वजन उठाने से नहीं होती, बल्कि लंबे समय तक गलत पोस्चर में बैठना, मोटापा, धूम्रपान और अनुवांशिक कारण भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि कमर दर्द को लेकर घबराएं नहीं और बिना जरूरत MRI कराने से बचें। सही जानकारी, संतुलित जीवनशैली और विशेषज्ञ की सलाह से इस समस्या का प्रभावी इलाज संभव है।