10 वर्षीय गुमशुदा बालक को 4 वर्ष बाद किया गया बरामद
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
बलरामपुर।पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार द्वारा वांछित,वारंटी गिरफ्तारी एवं गुमशुदा,अपहृतों की बरामदगी हेतु मिशन शक्ति फेज-5 के दृष्टिगत चलाए जा रहे अभियान के क्रम रहे अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय व क्षेत्राधिकारी तुलसीपर के कुशल नेतृत्व में तथा प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह थाना तुलसीपुर जनपद बलरामपुर के कुशल नेतृत्व में दिनांक 13.09.22 को वादिनी श्रीमती रहीमा पत्नी स्व0 अब्दुल खालिद निवासी नई बाजार बैरागीपुरवा थाना तुलसीपुर बलरामपुर द्वारा एक लिखित तहरीर दिया कि उसका नाबालिग बालक घर के पास से खेलते समय गायब हो गया । प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0- 215/22 अन्तर्गत धारा 363 भादवि0 पंजीकृत कर विवेचना व बरामदगी हेतु उप निरीक्षक उपेन्द्र यादव को सुपुर्द किया गया था । वर्तमान में प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह के द्वारा विवेचना की जा रही है । अपृहत बालक 2022 में जब 10 वर्ष का था तो अपने घर पर अपनी मां के डांटने के उपरांत वह घर से निकला तथा तुलसीपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर गोंडा पहुंच गया जहां गोंडा रेलवे स्टेशन के पास बलरामपुर जाने वाली सड़क पर ओवर ब्रिज के नीचे कल्लू चिकवा की दुकान पर यह लड़का रोते हुए गुड्डन पथरकट पत्नी स्व0 कल्लू पथरकट्ट निवासी दत्तनगर निकट रेलवे स्टेशन पथरकट्ट कालोनी थाना कोतवाली नगर जनपद गोण्डा को मिला । उसके पास कोई बच्चा नहीं था उसने उस बच्चे को अपने बच्चे की तरह पाला तथा उसका नाम आशीष रख दिया । तुलसीपुर पुलिस ने प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में विभिन्न समाचार पत्रों बच्चे की गुमशुदगी के सम्बन्ध में प्रकाशन कराया तथा जनपद गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर ,बस्ती, संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बहराइच तथा गोण्डा में टीमें भेज कर उसके सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की तथा डीसीआरबी से सम्पर्क करवाया तथा अपर पुलिस महानिदेशक महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन लखनऊ उत्तर प्रदेश को माह जुलाई में बच्चे का पता लगाने के सम्बन्ध में पत्राचार भी किया गया था।तमाम प्रयासों के परिणाम स्वरूप कल दिनांक 10.08.26 को प्रभारी निरीक्षक तुलसीपुर सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में तुलसीपुर पुलिस द्वारा सुभागपुर रेलवे स्टेशन के निकट दत्तनगर पत्थरकट्ट कॉलोनी से आशीष(बदला हुआ नाम) नामक बच्चा बरामद हुआ जिसकी पहचान मुकदमा उपरोक्त से संबंधित अपहृत बालक के रूप में हुई । बालक के परिजनों ने भी उसकी पहचान कर ली है । विधवा रहीमा पत्नी स्व0 अब्दुल खालिद उपरोक्त का अपने पति के स्वर्गवास के बाद अपने बच्चे को खोजना एक कठिन कार्य था किन्तु बलरामपुर पुलिस के सहयोग से करीब 04 वर्ष बाद वह अपने बच्चे से मिल पायी । बरामद बच्चे को अग्रिम विधिक कार्यवाही हेतु न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु भेजा जा रहा है।