मुख्य मार्ग से हटकर सड़क निर्माण का आरोप, ग्रामीणों ने डीएम से लगाई जांच की गुहार
बलरामपुर– बालपुर तिलकपुर मार्ग के निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप, बोले ग्रामीण—नियमों के अनुसार हो काम, वरना भविष्य में बनेगा बड़ा खतरा
बलरामपुर। जनपद में सड़क निर्माण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बलरामपुर–बालपुर- तिलकपुर मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य को लेकर ग्राम सोनपुर चौराहे के आसपास के ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को मानकों के विपरीत किए जाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में निर्माणाधीन सड़क की मौके पर जांच कराकर स्वीकृत डीपीआर एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सोनपुर चौराहे के पास मुख्य मार्ग के निर्धारित नक्शे/अलाइनमेंट से हटकर सड़क को उत्तर दिशा की ओर बनाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क का निर्माण इसी तरह वर्तमान स्थिति में कराया गया तो भविष्य में सड़क टूटने के साथ-साथ दुर्घटनाओं और आवागमन में परेशानी की आशंका बनी रहेगी। आरोप है कि निर्माण के दौरान सड़क की वास्तविक स्थिति, निर्धारित चौड़ाई और स्वीकृत नक्शे के अनुरूप कार्य होने की बजाय स्थानीय परिस्थितियों के दबाव में दिशा में बदलाव किया जा रहा है।वहीं उपलब्ध कार्ययोजना में “जनपद बलरामपुर में कुआनो रेंज से बालपुर तिलकपुर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य” दर्ज है। संबंधित प्रविष्टि में कार्य की लंबाई 6.30 किलोमीटर दर्शाई गई है तथा तालिका में 2085.53 और 625.66 के आंकड़े भी अंकित हैं। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकारी अभिलेखों में सड़क का कार्य निर्धारित योजना और तकनीकी प्रक्रिया के तहत स्वीकृत है तो मौके पर भी उसी के अनुरूप निर्माण होना चाहिए।ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि क्या निर्माण एजेंसी ने मौके पर निर्धारित सेंटर लाइन, सड़क की चौड़ाई, लेवल, गुणवत्ता और डीपीआर के प्रावधानों का पालन किया है? यदि किया है तो मौके पर इसका सत्यापन कराया जाए और यदि कोई विचलन है तो तत्काल निर्माण रोककर उसे सही कराया जाए।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों की टीम गठित कर मौके का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए, स्वीकृत डीपीआर, नक्शा एवं मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान कराया जाए तथा निर्माण सामग्री और सड़क की गुणवत्ता की भी जांच हो।
