क्यूआर कोड का के0वाई0सी करने के नाम पर धोखाधड़ी कर 2,20,000 रुपए का लोन निकाल लेने वाला अभियुक्त गिरफ्तार
रिपोर्ट ब्यूरो बलरामपुर
गौरा चौराहा, बलरामपुर।आवेदक अजीबुर्रहमान पुत्र अब्दुल मजीद निवासी ग्राम लिलवा थाना गौरा चौराहा जनपद बलरामपुर द्वारा थाना गौरा चौराहा पर एक तहरीर दिया गया कि विपक्षी प्रदीप कुमार पाण्डेय पुत्र विनय कुमार पाण्डेय निवासी ग्राम भगवानपुर लक्ष्मनपुर थाना कोतवाली देहात जनपद बलरामपुर अपने साथी दुर्गेश पाठक व एक अन्य व्यक्ति नाम पता अज्ञात के साथ मिलकर वादी के घर जाकर अपने आप को भारत पे का एजेंट बताते हुए भारत पे के क्यूआर कोड की ऑनलाइन केवाईसी करने के नाम पर वादी का आधार कार्ड, पैन कार्ड व मोबाइल लेकर फिनो पेमेंट बैंक में खाता खुलवा कर 2,20,000 रुपये का लोन निकाल लिया गया है, जिसके संबंध में थाना गौरा चौराहा पर मु0अ0सं0 107/26 धारा 318(4)/319(2) बीएनएस0 व 66डी आईटी एक्ट पंजीकृत किया गया।विवेचना के क्रम मे प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा उपरोक्त में धारा- 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई।पुलिस अधीक्षक बलरामपुर मार्तण्ड प्रकाश सिंह द्वारा साइबर अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही व उनकी गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में तथा थानाध्यक्ष दुर्विजय थाना गौरा चौराहा जनपद बलरामपुर के कुशल नेतृत्व में थाना गौरा चौराहा पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0107/26 धारा 318(4)/319(2) बीएनएस0 से सम्बन्धित अभियुक्त प्रदीप कुमार पाण्डेय पुत्र विनय कुमार पाण्डेय निवासी लक्ष्मनपुर थाना कोतवाली देहात जनपद बलरामपुर को आज दिनांक 13.09.26 को नारायनपुर मझारी जाने वाली सड़क के मोड़ से गिरफ्तार किया गया तथा अभियुक्त की जामा तलाशी में 02 अदद मोबाइल फोन, 1950 रुपये व मुकदमा वादी का एक अदद आधार कार्ड तथा एक अदद पैन कार्ड बरामद किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त प्रदीप कुमार पाण्डेय उपरोक्त को न्यायालय रवाना किया गया ।अभियुक्त प्रदीप कुमार पाण्डेय ने पूछताछ में बताया कि साहब बरामद आधार कार्ड व पैन कार्ड ग्राम लिलवा निवासी अजीबुर्रहमान का है, जिसके यहां जाकर मैं और मेरे साथी संजीव मिश्रा व दुर्गेश पाठक जो मथुरा बाजार ललिया बलरामपुर के रहने वाले हैं, के द्वारा क्यूआर कोड का KYC करने के बहाने फिनो पेमेंट बैंक में खाता खुलवाकर अजीबुर्रहमान के नाम से 2 लाख 20 हजार रुपये लोन कराकर रुपये निकाल लिया था । उसी समय आधार कार्ड व पैन कार्ड को अपने पास रख लिए थे तथा हम लोगों ने मिलकर मोबाइल फोन से सारा पैसा निकाल लिए थे, मुझे मेरे साथियों द्वारा 20 हजार रुपये दिया गया था, जो मैं अपनी आवश्यकतानुसार खर्च कर दिया हूँ । उसमें से केवल यही 1950 रुपया बचा है, जो मेरे पास है ।