अभ्युदय कोचिंग सेंटर में डीएम ने छात्रों से किया सीधा संवाद, पूछे पढ़ाई से जुड़े सवाल
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
डीएम ने परखी अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था, छात्रों से संवाद कर जाना तैयारी का स्तर
उतरौला (बलरामपुर) मुख्यमंत्री अभ्युदय निःशुल्क कोचिंग योजना के अंतर्गत टाइनी टाट्स इंटर कॉलेज, गांधी नगर उतरौला में संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय निःशुल्क कोचिंग सेंटर का शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने निरीक्षण किया। उन्होंने कोचिंग सेंटर में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं, कक्षाओं की व्यवस्था तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही शिक्षण सुविधाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कोचिंग सेंटर में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया और योजना के अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रम एवं पढ़ाई की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से पूछा कि उन्हें कक्षाओं में किस प्रकार पढ़ाया जा रहा है, अध्ययन सामग्री एवं शिक्षकों से संबंधित कोई समस्या तो नहीं है तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में उन्हें किन विषयों में अधिक कठिनाई महसूस हो रही है।अभ्युदय योजना के तहत विद्यार्थियों को नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। डीएम ने विद्यार्थियों से नीट से जुड़े प्रश्न भी पूछे और उनकी तैयारी का स्तर भी जानने का प्रयास किया।इस दौरान छात्र-छात्राओं ने पढ़ाई से संबंधित अपने प्रश्न एवं जिज्ञासाएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का चरणबद्ध तरीके से उत्तर देते हुए उनकी शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास के महत्व के बारे में भी बताया।जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए किसी एक विषय की जानकारी पर्याप्त नहीं होती, बल्कि सभी विषयों की नियमित तैयारी के साथ करेंट अफेयर्स पर भी पकड़ मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने और उपलब्ध निःशुल्क कोचिंग सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।जिलाधिकारी ने कोचिंग सेंटर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षकों से शिक्षण कार्य की जानकारी ली तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि संसाधनों के अभाव में किसी विद्यार्थी की प्रतिभा प्रभावित न हो।निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों में जिलाधिकारी से सीधे संवाद को लेकर उत्साह दिखाई दिया। छात्र-छात्राओं ने भी अपनी पढ़ाई से संबंधित सवाल पूछे और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर मार्गदर्शन प्राप्त किया। डीएम ने विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी उतरौला अंगद शरण शाह, जिला समन्वयक सचिन सिंह,विद्यालय के डायरेक्टर सैफ अली तथा प्रधानाचार्य मनीष कुमार सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।