अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की प्रभारी मंत्री ने की समीक्षा
प्रभारी मंत्री सतीश चन्द्र शर्मा ने प्रभावित परिवारों को प्रदान की आपदा सहायता, ग्राम कलंदर में मृतकों के परिजनों से मिलकर व्यक्त की संवेदना , सौंपा 04 लाख की आपदा सहायता राशि
कोडरी घाट पहुंचकर राप्ती नदी के जलस्तर का लिया जायजा, सतत निगरानी के निर्देश
बलरामपुर।राज्यमंत्री, खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग, उत्तर प्रदेश/ प्रभारी मंत्री सतीश चन्द्र शर्मा ने जनपद में विगत दिनों हुई अतिवृष्टि एवं आंधी से उत्पन्न परिस्थितियों के दृष्टिगत कलेक्ट्रेट सभागार में राहत-बचाव एवं पुनर्स्थापना कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।बैठक में प्रभारी मंत्री ने अतिवृष्टि से हुई जनहानि, मकान क्षति, पशुहानि, विद्युत व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की बहाली की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को युद्धस्तर पर पुनर्स्थापना कार्य पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों तक शासन द्वारा अनुमन्य सहायता शीघ्र पहुंचाई जाए तथा विद्युत आपूर्ति, आवागमन सहित सभी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर सामान्य किया जाए।समीक्षा के दौरान बताया गया कि अतिवृष्टि से जनपद में कुल 90 मकानों के क्षतिग्रस्त होने का आकलन किया गया है, जिसमें तहसील बलरामपुर में 21, तुलसीपुर में 35 तथा उतरौला में 34 मकान शामिल हैं और राहत पोर्टल के माध्यम से सहायता भुगतान की कार्यवाही की जा रही है। प्रभारी मंत्री ने अतिवृष्टि के दौरान क्षतिग्रस्त मकानों के प्रभावित व्यक्तियों को अनुमन्य सहायता राशि भी प्रदान की।इसके उपरांत प्रभारी मंत्री ग्राम कलंदर पहुंचे, जहां उन्होंने अतिवृष्टि के दौरान मृतक प्रेम नारायण एवं श्रीमती चंपा देवी के परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की।प्रभारी मंत्री ने शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि दुःख की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है तथा उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने मृतकों के परिजनों को शासन की ओर से ₹4-₹4 लाख की आपदा सहायता राशि प्रदान की।इसके उपरांत प्रभारी मंत्री ने कटरी घाट पहुंचकर राप्ती नदी के जलस्तर एवं आसपास की स्थिति का स्थलीय जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नदी के जलस्तर पर सतत निगरानी रखने, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव के सभी संसाधनों का तत्काल उपयोग सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे।प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों एवं पोलों की मरम्मत, विद्युत आपूर्ति की बहाली, बाधित मार्गों को सुचारु करने तथा अन्य आवश्यक सेवाओं को सामान्य करने का कार्य तेजी से किया जाए।इस दौरान विधायक बलरामपुर पल्टूराम, विधायक तुलसीपुर कैलाश नाथ शुक्ला, विधायक उतरौला राम प्रताप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री आरती तिवारी, जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह, जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
