धान खरीद की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
क्रय केंद्रों पर किसानों को न हो किसी प्रकार की असुविधा, पारदर्शिता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप हो धान खरीद — जिलाधिकारी
बलरामपुर।जनपद में आगामी 01 नवंबर, 2026 से प्रारंभ होने वाली धान खरीद को सुचारु, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराए जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में धान खरीद की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक एवं क्रय केंद्र प्रभारियों की प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने धान खरीद से संबंधित सभी क्रय संस्थाओं के जिला प्रबंधकों एवं क्रय केंद्र प्रभारियों के साथ विस्तृत समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद के अधिक से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि धान खरीद के दौरान किसानों की सुविधा, पारदर्शिता एवं समयबद्ध भुगतान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।बैठक में अवगत कराया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जनपद में धान खरीद हेतु कुल 37 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के 13, पीसीएफ के 10, यूपीएसएस के 13 तथा भारतीय खाद्य निगम का 01 क्रय केंद्र शामिल है।जिलाधिकारी ने सभी क्रय संस्थाओं के जिला प्रबंधकों से उनके अधीन स्थापित क्रय केंद्रों पर की गई तैयारियों की केंद्रवार जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिला प्रबंधक अपने-अपने क्रय केंद्रों का अनिवार्य रूप से भौतिक सत्यापन कर लें तथा धान खरीद प्रारंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं।जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक धान क्रय केंद्र पर पर्याप्त संख्या में जूट एवं अन्य अनुमन्य बोरे, क्रियाशील इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यंत्र, पावर डस्टर तथा अन्य आवश्यक उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें। सभी उपकरणों की कार्यशीलता की जांच पूर्व में ही कर ली जाए, जिससे खरीद प्रारंभ होने के बाद किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो।उन्होंने कहा कि सभी क्रय केंद्रों पर किसानों के बैठने हेतु समुचित व्यवस्था, पेयजल, छाया एवं अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। केंद्रों पर धान की तौल, भंडारण एवं उठान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे किसानों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।जिलाधिकारी ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों पर आने वाले सभी पात्र किसानों का निर्धारित मानकों के अनुरूप धान खरीदा जाए तथा किसी भी किसान को अनावश्यक रूप से वापस न लौटाया जाए।उन्होंने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य कॉमन धान हेतु ₹2441 प्रति कुंतल तथा ग्रेड-ए धान हेतु ₹2461 प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है।जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी क्रय केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य, खरीद का समय, संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर, धान के गुणवत्ता मानक एवं शिकायत निवारण संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए, जिससे किसानों को आवश्यक सूचनाएं आसानी से प्राप्त हो सकें।जिलाधिकारी ने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि धान खरीद की संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न की जाए। सभी केंद्रों पर ऑनलाइन खरीद की व्यवस्था सुनिश्चित रहे तथा ई-पॉप मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण द्वारा धान खरीद की जाए।उन्होंने कहा कि धान खरीद के उपरांत किसानों को खरीद संबंधी पावती अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए तथा किसानों के बैंक खातों में निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत भुगतान सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि धान खरीद में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही अथवा किसानों के उत्पीड़न की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को धान खरीद की प्रक्रिया, पंजीकरण, सत्यापन, न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं क्रय केंद्रों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।उन्होंने बताया कि किसान अपनी सुविधा के अनुसार जनपद के किसी भी नजदीकी धान क्रय केंद्र पर धान विक्रय कर सकेंगे। सभी क्रय केंद्रों पर ऑनलाइन खरीद की जाएगी तथा ऑफलाइन खरीद मान्य नहीं होगी।किसानों को पंजीकरण एवं धान विक्रय से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किए जाने के भी निर्देश दिए गए।बैठक में बताया गया कि किसानों को धान खरीद में आने वाली समस्याओं के समाधान हेतु जिला खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष नंबर 05263-235718 है। इसके अतिरिक्त विभागीय टोल फ्री नंबर 1800-1800-150 पर भी किसान अपनी शिकायत अथवा समस्या दर्ज करा सकते हैं।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसानों से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया गया।इस अवसर पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को धान खरीद की ऑनलाइन प्रक्रिया, किसान पंजीकरण एवं सत्यापन, धान के गुणवत्ता मानकों, नमी परीक्षण, इलेक्ट्रॉनिक तौल, ई-पॉप मशीन के संचालन, अभिलेखों के रखरखाव, धान के भंडारण एवं उठान तथा किसानों को भुगतान संबंधी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।जिलाधिकारी ने कहा कि सभी क्रय केंद्र प्रभारी प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा खरीद प्रक्रिया में शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें।उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए 01 नवंबर से धान खरीद प्रारंभ करने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण रखने के निर्देश दिए।इस दौरान उप निदेशक कृषि श्याम नारायण राम, जिला कृषि अधिकारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी (डिप्टी आरएमओ), विभिन्न क्रय संस्थाओं के जिला प्रबंधक, सभी धान क्रय केंद्र प्रभारी एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।