राप्ती नदी के बढ़े जलस्तर को लेकर डीएम ने संवेदनशील क्षेत्रों का किया सघन निरीक्षण
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
डीएम ने प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का लिया जायजा, राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम से आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
बलरामपुर।राप्ती नदी के जलस्तर में वृद्धि एवं पहाड़ी नालों में पानी के तेज बहाव के दृष्टिगत जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों का लगातार स्थलीय निरीक्षण करते हुए स्थिति पर नजर रखी जा रही है।इसी क्रम में जिलाधिकारी ने सिसई घाट के साथ ही तहसील तुलसीपुर के कैलाशगढ़ एवं भुसैलवा डीप का निरीक्षण कर जलप्रवाह, आवागमन, सुरक्षा व्यवस्था तथा आसपास के क्षेत्रों में हुई फसल क्षति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने तहसील तुलसीपुर के कैलाशगढ़ डीप एवं भुसैलवा डीप पर पहुंचकर पानी के बहाव की स्थिति का स्थलीय जायजा लिया।अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि सिरिया पहाड़ी नाले में पानी आने के कारण दोनों डीप पर जलप्रवाह बढ़ा हुआ है। जिलाधिकारी ने डीप के दोनों ओर की स्थिति, पानी के बहाव एवं स्थानीय लोगों के आवागमन के संबंध में जानकारी प्राप्त की।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन डीप पर पानी का बहाव अधिक है, वहां जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। ऐसे स्थानों पर आवश्यकता के अनुरूप नाव की उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को डीप पर जलस्तर एवं जलप्रवाह की लगातार निगरानी रखने तथा पानी बढ़ने की स्थिति में तत्काल आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा कि तेज जलप्रवाह वाले डीप पर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। स्थानीय स्तर पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी स्थिति पर नजर रखें तथा जलप्रवाह अधिक होने पर लोगों को सुरक्षित आवागमन के संबंध में जागरूक किया जाए। डीप एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम कैलाशगढ़ एवं भुसैलवा क्षेत्र में फसलों की स्थिति का भी स्थलीय जायजा लिया। अतिवृष्टि एवं जलभराव के कारण प्रभावित फसलों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व एवं कृषि विभाग की टीम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए फसल क्षति का वास्तविक एवं पारदर्शी आकलन किया जाए तथा इसकी रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों एवं फसल क्षति का विवरण सही ढंग से दर्ज किया जाए, जिससे नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।इससे पूर्व जिलाधिकारी ने सिसई घाट पहुंचकर राप्ती नदी के बढ़े जलस्तर का जायजा लिया। राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के दृष्टिगत उन्होंने नदी के जलस्तर में हो रहे बदलाव तथा आगामी कुछ घंटों की संभावित स्थिति के संबंध में बाढ़ खंड के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि राप्ती बैराज से पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है तथा रात्रि से राप्ती नदी के जलस्तर में कमी आने की संभावना है।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इसके बावजूद नदी के जलस्तर एवं सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए। बाढ़ खंड एवं तहसील प्रशासन आपसी समन्वय बनाए रखते हुए प्रत्येक महत्वपूर्ण स्थिति की सूचना तत्काल उपलब्ध कराएं तथा सभी आवश्यक संसाधनों को तैयार रखा जाए।इसके उपरांत जिलाधिकारी ने तुलसीपुर नगर क्षेत्र स्थित 33/11 केवी विद्युत वितरण उपखंड का निरीक्षण किया। उन्होंने अतिवृष्टि के बाद विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति एवं विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्युत आपूर्ति प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता के साथ कार्य करते हुए आपूर्ति को सुचारु रखा जाए तथा जहां भी विद्युत संबंधी समस्या प्राप्त हो, वहां टीम भेजकर प्राथमिकता के आधार पर उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी ने कहा कि राप्ती नदी के बढ़े जलस्तर, पहाड़ी नालों के जलप्रवाह एवं डीप पर बढ़े पानी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। विशेष रूप से डीप, नदी के आसपास के क्षेत्रों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नाव सहित आवश्यक संसाधन तैयार रखें तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल राहत एवं सुरक्षा संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित करें।इस दौरान अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड, एसडीएम सदर सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।