नवजात को धान के खेत में फेंकने का खुलासा, मां और नानी गिरफ्तार
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
लोक-लाज के डर में नवजात की जान लेने की कोशिश का आरोप, रिश्तेदार बहनोई की तलाश जारी
बलरामपुर। श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र के किठुरा गन्नूडीह गांव में धान के खेत में लावारिस हालत में मिली नवजात बच्ची को कथित तौर पर मरने के लिए छोड़ने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने बच्ची की मां और नानी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। घटना में शामिल बताए जा रहे एक रिश्तेदार (बहनोई) की तलाश की जा रही है।पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर 2026 की सुबह करीब 5:25 बजे सूचना मिलने पर पीआरवी-5455 मौके पर पहुंची थी। धान के खेत में सफेद कपड़े में लिपटी करीब एक दिन की नवजात बच्ची बेहद दयनीय हालत में मिली। उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। पीआरवी टीम के कमांडर कांस्टेबल सुशांत तिवारी और पायलट होमगार्ड विजय सिंह ने तत्काल बच्ची को खेत से निकालकर अस्पताल पहुंचाया।संयुक्त चिकित्सालय बलरामपुर के महिला प्रसव वार्ड में उपचार के बाद उसकी जान बचाई जा सकी। वर्तमान में बच्ची स्वस्थ बताई जा रही है।मामले में ग्राम चौकीदार राममिलन की तहरीर पर थाना श्रीदत्तगंज में मु0अ0सं0 105/2026, धारा 93/109 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। तहरीर में गांव की एक युवती के गर्भवती होने तथा घटना से एक दिन पहले उसे अपनी मां के साथ नवजात लेकर घर जाते देखे जाने का उल्लेख किया गया था।पुलिस के मुताबिक, एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर एएसपी विशाल पाण्डेय और सीओ उतरौला डॉ. जितेन्द्र कुमार के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने शुक्रवार को नामजद आरोपिताओं से पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान दोनों ने लोक-लाज के डर से नवजात को कथित तौर पर मरने के लिए निर्जन स्थान पर छोड़ने की बात स्वीकार की।गिरफ्तार महिलाओं में नवजात की करीब 22 वर्षीय मां और करीब 48 वर्षीय नानी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मामले में युवती के अपने रिश्तेदार से संबंध होने की बात भी सामने आई है। इस प्रकरण में बताए गए रिश्तेदार साजन (बहनोई) की तलाश जारी है।कार्रवाई करने वाली टीम में थानाध्यक्ष अविरल शुक्ला, वरिष्ठ उपनिरीक्षक रामधारी दिनकर, उपनिरीक्षक आदित्य कुमार तथा महिला कांस्टेबल आरती सिंह, पुष्पा देवी और शिवांगी मौर्या शामिल रहीं।